एड्स नियंत्रण : आज शुरू होगी कलाजत्थों की राज्य स्तरीय कार्यशाला
रायपुर, 23 अप्रैल 2011
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति के द्वारा एच.आई.व्ही./एड्स से बचाव की जानकारी कला दलों के माध्यम से देने के लिए कल 24 अप्रैल को सुबह 10 बजे से राजधानी रायपुर स्थित श्री दुधाधारी सत्संग भवन में (कैलाश पुरी, पुरानी बस्ती के पास) चार दिवसीय 'राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला' आयोजित की गई है। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वास्थ्य सेवाएं सह परियोजना संचालक और राज्य एड्स नियंत्रण समिति के संचालक द्वारा किया जाएगा। इस मौके पर छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अधिकारी-कर्मचारी, मीडिया अधिकारी, कला दल के कलाकार, मास्टर टे्रनर और रिसोर्स व्यक्ति उपस्थित होंगे। आगामी 24 अप्रैल से 27 अप्रैल तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर द्वारा कला दलों के कलाकारों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
आईईसी छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति के संयुक्त संचालक ने आज यहां बताया कि 24 अप्रैल से 27 अप्रैल तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रत्येक जिले से दो पंजीकृत कला दल के चार-चार कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। प्रत्येक जिले से आठ कलादल के सदस्य होंगे। जिसमें महिलाएं भी शामिल है। इस कार्यक्रम में प्रत्येक जिले के मीडिया अधिकारियों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला मीडिया अधिकारी, टीआई, एन.जी.ओ. आदि के सहयोग से गांवों का रूट प्लान तैयार किया जाएगा, जहां पर उन्हें कला दल का प्रस्तुतिकरण किया जाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में नाको नई दिल्ली से मोहनिस कुमार, सलाहकार आईईसी और रेड रिबन तथा सुश्री मृदु उपस्थित रहेंगे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिलों से 128 कलाकार, 16 मीडिया अधिकारी, 34 टीआई-एनजीओं के कार्यक्रम प्रबंधक, लिंक वर्कर, टीएसयू, एसटीआरसी. एसएमओ. जिला संचार अधिकारी आदि उपस्थित रहेंगे। छत्तीसगढ़ को एचआईव्ही/एड्स से मुक्त करने के लिए उच्च जोखिम क्षेत्रों में कलाकारों के माध्यम से सुरक्षित यौन संबंध, कलंक भेदभाव दूर करना, माईग्रेंट पर आधारित स्क्रीप्ट प्ले के साथ ही युवा वर्ग में रक्त दान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अधिकारियों ने बताया कि जिन स्थानों पर कलादलों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा, वहां पर चार दिन पहले से ही व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। गांवों में कला दलों के प्रस्तुतिकरण के पहले कला दल के नायक को रूट चार्ट की जानकारी दी जाएगी। कला दल के प्रस्तुतिकरण के समय स्थानीय स्तर के स्टॉक होल्डर, पंचायत कर्मी, स्व-सहायता समूह लिंक वर्कर टीम, स्वयं सेवी संस्था आदि के द्वारा मानिटरिंग की जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान कलाकारों को प्रचार-प्रसार के संबंध में जानकारी दी जाएगी। गांवों में मुनादी, प्रचार सामग्री बांटना, एनजीओ के सहयोग, रिक्शा माईकिंग, पोस्टर पाम्पलेट, टीन प्लेट लगाया जाएगा। कार्यक्रम संपादन के बाद सरपंच/सचिव निगरानी समिति के सदस्य और एड्स काउंसलर से सत्यापन कराया जाएगा, साथ ही पूरे कार्यक्रम की फोटोग्राफी भी की जाएगी। कलादलों के प्रस्तुतिकरण कार्यक्रम के लिए जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को राशि प्रदान कर दिया गया है। अंतिम दिवस में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में कला दलों को स्क्रीप्ट देकर उनके द्वारा प्रस्तुतिकरण किया जाएगा, और जिले के सर्वश्रेष्ठ तीन कला दलों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

