तैंतीसवें रावत नाच महोत्सव का रंगारंग आयोजन
बिलासपुर की गौरवषाली परम्परा है रावत नाच महोत्सव- श्री अमर अग्रवाल
रायपुर, 28 नवंबर 2010

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने कहा है कि रावत नाच महोत्सव जिला मुख्यालय बिलासपुर की गौरवषाली परम्परा है। लगातार 33 वर्षों से आयोजित यह महोत्सव न केवल छत्तीसगढ़ में बल्कि पूरे देष में एक मिसाल बन गया है, जिसका श्रेय यादव बंधुओं को जाता है। श्री अमर अग्रवाल ने बिलासपुर में 33वें रावत नाच महोत्सव में शामिल होकर व्यक्त किया। कृषि मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
लाल बहादुर शास्त्री स्कूल के मैदान में आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि श्री अग्रवाल ने यदुवंषियों को कृष्ण भगवान का वंषज बताया। उन्होंने कहा कि कृष्ण के चरित्र को समझ लेने से जीवन में आनंद की अनुभूति बढ़ जाती है। केवल यदुवंषियों में ही यह परम्परा है कि वे दूसरों के घर जाकर उनकी मंगल कामना करते हैं। द्वापर युग से चली आ रही संस्कृति ही हमारे देष की रक्षा कर रही है। भारत वर्षों तक गुलाम रहा लेकिन देष की संस्कृति जिंदा रही क्योंकि इसकी जड़ें बहुत गहरी हैं। प्रदेष में यदुवंषियों की अलग सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने कामना की कि यह विश्वव्यापी संस्कृति निरन्तर चलती रहे। श्री अग्रवाल ने रावत महोत्सव में प्रतिभागी सभी दलों को पांच-पांच हजार रूपये देने की घोषणा की।
कृषि मंत्री श्री चंद्रषेखर साहू ने कहा कि यदुवंषी जिस साहस व शौर्य का प्रदर्षन कर रहे हैं, वह अद्भूत है। संस्कृति को बनाए रखने में यादव बंधुओं का बड़ा योगदान है। कार्यक्रम में रावत नाच महोत्सव समिति के आयोजको ने सभी अतिथियों को पारम्परिक यादव वेशभूषा से अलंकृत किया। महोत्सव में सैकड़ों नर्तक दलों ने कलाबाजियों के साथ आकर्शक नष्त्य की प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों से आये दलों के शौर्य प्रदर्षन को देखने के लिए देर रात तक दर्षकों की भीड़ जमी रही। इस अवसर पर लोक संस्कृति पर केन्द्रित पत्रिका स्मारिका 'मड़ई' का विमोचन अतिथियों के हाथों किया गया। महोत्सव में प्रतिभावान छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति एवं प्रमाण पत्र दिये गये तथा उत्कृष्ट नर्तक दलों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में कोरबा के सांसद डा. चरण दास महन्त, पूर्व मंत्री श्री बी आर यादव, बिलासपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती वाणी राव, महोत्सव के संयोजक डा. कालीचरण यादव, देष के विभिन्न स्थानों से पहुंचे विषिष्ट अतिथि, गणमाण्य नागरिक तथा प्रदेषभर के हजारों यदुवंषी उपस्थित थे।

