आज मनाया जाएगा विश्व एड्स दिवस
जिला मुख्यालयों में निकलेगी जन-जागरण रैली
एच.आई.वी. संक्रमितों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील
रायपुर 30 नवम्बर 2010
विश्व एड्स दिवस के अवसर पर एक दिसम्बर को राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में जन-जागरण रैली निकालकर नागरिकों को एड्स से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा। रायपुर में एक दिसम्बर को प्रात: आठ बजे गांधी मैदान से छात्र-छात्राओं की रैली निकाली जाएगी, जो घड़ी चौक, गौरव पथ होते हुए मोतीबाग में समाप्त होगी। छत्तीसगढ़ एड्स नियंत्रण समिति द्वारा एच.आई.वी. संक्रमितों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील नागरिकों से की गई है।
संचालक स्वास्थ्य सेवाएं एवं छत्तीसगढ़ एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना अधिकारी श्री पी.अन्बलगन ने आज यहां बताया कि एच.आई.वी. संक्रमितों की जांच और परामर्श के लिए छत्तीसगढ़ में एक सौ जांच एवं परामर्श केन्द्र खोले गए हैं, जहां मरीजों की नि:शुल्क जांच और परामर्श दिया जाता है। इसके अलावा 34 स्वयं सेवी संगठनों के माध्यम से एड्स से बचाव के जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में सात हजार 782 एच.आई.वी. संक्रमित मरीज हैं। इनमें रायपुर जिले में तीन हजार 870, दुर्ग जिले में 949, बिलासपुर जिले में 845, राजनांदगांव जिले में 495, बस्तर जिले में 360, महासमुंद जिले में 263, कोरबा जिले में 181, कबीरधाम जिले में 175, सरगुजा जिले में 150, रायगढ़ जिले में 127 और अन्य जिलों में लगभग एक सौ एच.आई.वी. संक्रमित हैं। इनमें से एक हजार 759 संक्रमितों को मेडिकल कॉलेज रायपुर, सिम्स बिलासपुर, मेडिकल कॉलेज जगदलपुर और जिला अस्पताल दुर्ग में एआरटी की दवाई नि:शुल्क दी जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश में आने वाले तथा रोजगार के लिए प्रदेश से बाहर जाने वालों को एड्स से बचाव की जानकारी देने के लिए रेल्वे स्टेशन रायपुर, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में सूचना केन्द्र स्थापित किए गए हैं। इन केन्द्रों में बाहर से आने और जाने वालों को चित्रों और पोस्टर-पम्पलेट के माध्यम से एड्स से बचाव की जानकारी दी जाती है।
श्री अन्बलगन ने बताया कि एड्स केवल चार कारणों असुरक्षित यौन संबंध स्थापित करने, एच.आई.वी. संक्रमित रक्त चढ़ाने, संक्रमित सुई का प्रयोग करने और संक्रमित गर्भवती माता से होने वाले बच्चे एच.आई.वी. से संक्रमित हो सकते हैं। इनके अलावा किसी और कारण से एड्स नहीं फैलता। यदि एच.आई.वी. संक्रमित महिला गर्भवती है, तो उन्हें जचकी के समय नेवरापिन टेबलेट और बच्चे को नेवरापिन सिरप देना चाहिए। इससे बच्चे को एच.आई.वी. संक्रमित होने से बचाया जा सकता है।

