राज्य के 2.10 करोड़ लोगों की नब्ज पर हाथ रखकर समस्याओं का इलाज
रायपुर 14 फरवरी 2010
मनुष्य को जीवन जीने की कला सिखाने वाली आयुर्वेदिक चिकित्सा पध्दति का महत्व इस बात से प्रमाणित हो जाता है कि मरीजों की नब्ज देखकर बीमारियों का इलाज करने वाले आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. रमन सिंह आज छत्ताीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य के दो करोड़ दस लाख लोगों की नब्ज पर हाथ रखकर पूरी कामयाबी के साथ उनकी समस्याओं का इलाज कर रहे हैं। प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज यहां शासकीय आयुर्वेद कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय आयुर्वेद सम्मेलन के उद्धाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। श्री अग्रवाल ने कहा कि जिस राज्य के मुखिया स्वयं आयुर्वेद के डॉक्टर हैं तो उस राज्य में आयुर्वेद का संरक्षण और विकास निश्चित रूप से होगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री स्वयं इस महाविद्यालय के छात्र रह चुके हैं और उन्होंने यहां से वर्ष 1975 में बी.ए.एम.एस. की उपाधि प्राप्त की है। सम्मेलन का उद्धाटन करते हुए डॉ. रमन सिंह ने महाविद्यालय के अपने विद्यार्थी जीवन को भी विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल हालाकि इस कॉलेज के छात्र नहीं थे लेकिन एक अन्य महाविद्यालय के छात्र नेता के रूप में उन्होंने आयुर्वेदिक कॉलेज की समस्याओं के निराकरण के लिए भी छात्रहित में काफी संघर्ष किया। डॉ. सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और इस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. महादेव प्रसाद पाण्डेय तथा यहां स्नातक हुए डॉ. सुरेन्द्र दुबे को भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से विभूषित किया गया है। यह हम सबके लिए और इस संस्था के लिए भी गर्व का विषय है। डॉ. महादेव प्रसाद पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को आयुर्वेद परिवार का एक ज्योतिमान नक्षत्र बताया और उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी। इस महाविद्यालय से आयुर्वेद स्नातक बनकर निकले विधायक और पूर्व मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने भी अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को आयुर्वेद परिवार का गौरव बताया और कहा कि छत्ताीसगढ़ में आयुर्वेद के विकास के लिए मुख्यमंत्री की पहल निश्चित रूप से सराहनीय है।

