छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सेवा निगम का गठन होगा
पांच सामुदायिक और छब्बीस नए प्राथमिक स्वास्थ्य
केन्द्र शुरू करने का प्रस्ताव
तीन नए ए.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र और चार नर्सिंग स्कूल खोले जाएंगे
रायपुर 24 अप्रैल 2010
छत्तीसगढ़ में दवाईयों और चिकित्सा उपकरणों की खरीदी में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इस वर्ष 'चिकित्सा सेवा निगम' का गठन किया जाएगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशाअनुरूप स्वास्थ्य विभाग द्वारा तमिलनाडु के तर्ज पर छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सेवा निगम के गठन की कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए अंतिम प्रस्ताव राज्य शासन को भेज दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत इस निगम के गठन के लिए भारत सरकार से अनुदान की भी मांग की गई है। निगम का गठन हो जाने के बाद प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों के लिए दवाओं, उपकरणों की खरीदी और उसका वितरण भी इस निगम के माध्यम से होगा।
श्री अग्रवाल ने बताया कि चिकित्सा सेवा निगम के माध्यम से सभी जिलों में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त भंडार गृहों का निर्माण किया जाएगा। इन भण्डार गृहों में दवाईयां और उपकरण रखे जाएंगे। इन्हीं भण्डार गृहों से नजदीक के अस्पतालों को दवाईयां और उपकरण वितरित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में दवाईयों और उपकरणों की खरीदी केन्द्रीय प्रबंधन द्वारा किया जाता है। जिलों से मांग पत्र आने के बाद केन्द्रीय भण्डार गृह से जिलों को दवाईयां पंहुचाई जाती है। इससे अस्पतालों को समय पर दवाईयां नहीं मिल पाती और उनके कालातीत होने की भी संभावना रहती है। अलग से निगम का गठन हो जाने से अस्पतालों को दवाईयां और उपकरण समय पर मिल पाएगा। चिकित्सा सेवा निगम द्वारा अस्पतालों को दवाईयाें के वितरण का एक पास बुक पध्दति से संधारण किया जाएगा। इस पास बुक पध्दति में राशि मुक्त लेन-देन होगा। निगम का मुख्यालय रायपुर में होगा। इस निगम को सभी जिलों के भण्डार गृहों को कम्प्युटर से जोड़ा जाएगा। इसमें दवाईयों की खरीदी और उसका वितरण ऑन लाईन होगा। इससे दवाईयों की मांग, वितरण और उपलब्धता की जानकारी आसानी से हो सकेगी और इसी आधार पर दवाईयों को कालातीत होने से पहले उपयोग अथवा खरीदी की जा सकेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तार के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2010-11 में पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और छब्बीस नए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाएंगे। इसके लिए इस वर्ष के बजट में बारह करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में प्रशिक्षत नर्सिंग स्टॉफ की कमी को दूर करने के लिए बिलासपुर, जांजगीर और दुर्ग में नए महिला बहुद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ए.एन.एम.) प्रशिक्षण केन्द्र और राजनांदगांव, रायगढ़ कोरबा और अम्बिकापुर में शासकीय नर्सिंग स्कूल भी खोले जाने का प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में तीन ए.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र और चार शासकीय नर्सिंग स्कूल खोलने के लिए वर्ष 2010-11 के बजट में प्रावधान किया गया है और इसी वित्तीय वर्ष में सभी प्रशिक्षण केन्द्र शुरू किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में शुरू से ही नर्सिंग स्टॉफ की कमी रही है। राज्य स्थापना के दौरान छत्तीसगढ़ में महिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता के केवल छह प्रशिक्षण केन्द्र थे, जिनमें लगभग छह सौ महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता को प्रशिक्षण दिया जाता था। पिछले छह सात वर्ष में इस दिशा में लगातार प्रयास करने के बाद वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 13 शासकीय और सत्रह निजी महिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने में सफल हुए हैं, जिनमें लगभग एक हजार तीन सौ महिलाओं को ए.एन.एम. का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2010-11 के बजट में राजनांदगांव, रायगढ़, कोरबा और अंबिकापुर में चार नए शासकीय नर्सिंग प्रशिक्षण स्कूल खोलने का प्रावधान किया गया है। इन्हें मिलाकर अब राज्य में शासकीय नर्सिंग प्रशिक्षण स्कूलों की संख्या आठ हो जाएगी। निजी क्षेत्र में संचालित बारह नर्सिंग प्रशिक्षण स्कूलों के सहयोग से अब राज्य में लगभग एक हजार नर्सों को प्रशिक्षित किया जा सकेगा।
श्री अग्रवाल ने बताया कि बताया कि भारतीय चिकित्सा परिषद (एम.सी.आई.) के मापदण्डों के अनुरूप चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर और बिलासपुर में अतिरिक्त भवनों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए दो-दो करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। नवगठित नारायणपुर और बीजापुर जिले में नवीन जिला आयुर्वेद कार्यालयों की स्थापना के साथ ही रायपुर के आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय में स्नातकोत्तर पाठयक्रम शुरू करने के लिए भवन, आवश्यक पदों का सृजन,आडिटोरियम निर्माण और आयुष विश्वविद्यालय के लिए भवन निर्माण इस वर्ष कराया जाएगा। पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 57 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और एक सौ उप स्वास्थ्य केन्द्र भवनों का निर्माण भी इस वर्ष कराया जाएगा। इसके लिए तीस करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। श्री अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2010-11 में मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना शुरू करने की योजना थी, इस महीने के छह तारीख को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस योजना का शुभारंभ किया जा चुका है। इस योजना के तहत गरीबी रेखा श्रेणी के परिवार के श्रवण बाधित बच्चों के काक्लियर इम्पलांट सर्जरी के लिए छह लाख रूपए और सामान्य परिवारों के बच्चों के लिए चार लाख रूपए की सहायता दी जाएगी। यह सुविधा छत्तीसगढ़ में केवल रायपुर के पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में उपलब्ध है।

