माता एवं शिशुओं की देखभाल के लिए ई-महतारी योजना शुरू होगी
ए.एन.एम. को दिए जाएंगे मोबाईल
रायपुर 23 दिसम्बर 2010
राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ की माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल की प्रणाली को हाईटेक किया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा ई-मितानिन के नाम से नयी योजना शुरू की जा रही है, जिसके अन्तर्गत माताओं और शिशुओं का सम्पूर्ण डाटा ऑन लाईन रहेगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत महिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (ए.एन.एम.) को एस.एम.एस. आधारित मोबाईल सिस्टम दिए जाएंगे, जिसके माध्यम से माताओं और शिशुओं की स्वास्थ्य संबंधी डाटा एस.एम.एस. के जरिये सर्वर को प्राप्त हो सकेगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने आज यहां बताया कि ई-महतारी बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी रखने की ऑन लाईन ट्रेकिंग प्रणाली है। इसके अन्तर्गत ग्रामवार प्रत्येक गर्भवाती माता एवं शिशुओं का पंजीयन और उन्हें प्रदान प्रदान किए जाने वाले स्वास्थ्य सेवाओं का कम्प्यूटरीकरण किया जाएगा। यह जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत ए.एन.एम. के माध्यम से संकलित कर सर्वर में अपलोड किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किस क्षेत्र में कौन महिला अथवा शिशु का टीकाकरण छूट गया है अथवा ऐसी कौन-कौन गर्भवती माताएं हैं, जिनका अस्पताल में प्रसव कराया जाना अनिवार्य है,की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। माताओं और शिशुओं से संबंधित पूरी जानकारी ऑन लाईन होने से टीकाकरण से छूटे माताओं और बच्चों के लिए जॉब चार्ट बनाकर ए.एन.एम. को भेजे जाएंगे। इससे टीकाकरण एवं लक्षित हितग्राहियों की सूची तैयार करने और गांवों में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से छूटे व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। इसी तरह ए.एन.एम. को मोबाईल सुविधा दिए जाने से माताओं और शिशुओं की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तो मिलेगी ही, इसके साथ ही गांव में महामारी आदि की स्थिति की तुरंत जानकारी मुख्यालय को मिल सकेगी। इसके लिए ए.एन.एम. द्वारा सीधे सर्वर में एस.एम.एस. किया जाएगा। यह एस.एम.एस. तुरंत संबंधित विकासखंड चिकित्सा अधिकारी को फारवर्ड किया जाएगा और चार दिन के भीतर कार्रवाई नहीं होती तो वह एस.एम.एस. स्वास्थ्य संचालनालय को भेजा जाएगा। श्री अग्रवाल ने बताया कि माताओं और शिशुओं के स्वास्थ्य संबंधी पूरा व्यौरा हमारे पास होने से प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्तमान में जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों से ऑनलाईन डेली रिर्पोटिंग हो रही है। अब सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को इंटरनेट के माध्यम से जोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। इससे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के दैनिक बाह्य रोगी, अंत: रोगी तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी संकलित की जा सकेगी। भारत सरकार के नेशनल ब्राडबैंड प्रोनेटे्रशन स्कीम के तहत सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को इंटरनेट से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर में डॉटा एन्ट्री आपरेटर की नियुक्ति की कार्रवाई भी की जा रही है।

