जच्चा-बच्चा का पूरा रिकार्ड अब एक ही रजिस्टर में
रायपुर 29 दिसम्बर 2010
छत्तीसगढ़ में सभी माताओं और बच्चों का पूरा रिकार्ड अब एक ही रजिस्टर में रहेगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने बताया कि अभी बच्चा और जच्चा के लिए अलग-अलग रजिस्टर संधारित की जा रही है। इससे माताओं और बच्चाें के स्वास्थ्य परीक्षण तथा टीकाकरण में छूटने की संभावना रहती है। नई व्यवस्था से अब कोई भी माता और बच्चा टीकाकरण से छूट नहीं पाएगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि जच्चा-बच्चा रजिस्टर बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ए.एन.एम.) के पास रहेगा। इसमें उसके कार्यक्षेत्र के गांवों की समस्त गर्भवती महिलाओं, माताओं और बच्चों के नाम, आयु और पते का उल्लेख होगा। इसमें सभी प्रकार के टीकाकरण, टीका लगने के दिनांक, बच्चों को लगने वाले सभी प्रकार के डोज, गर्भवती माताओं के नाम, गर्भधारण का महीना, गर्भवती माता को लगने वाले टीके, जांच आदि का उल्लेख रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि ए.एन.एम. द्वारा अपने रजिस्टर के पूरे आंकड़े विकासखंड चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से राजधानी स्थित सर्वर में उपलब्ध कराई जाएगी। इससे राज्य स्तर पर टीकाकरण और गर्भवती माताओं के संस्थागत प्रसव की मानीटरिंग की जा सकेगी।
अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा ई-मितानिन के नाम से नयी योजना भी शुरू की जा रही है, जिसके अन्तर्गत माताओं और शिशुओं का सम्पूर्ण डाटा ऑन लाईन रहेगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत महिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (ए.एन.एम.) को एस.एम.एस. आधारित मोबाईल सिस्टम दिए जाएंगे, जिसके माध्यम से माताओं और शिशुओं की स्वास्थ्य संबंधी डाटा एस.एम.एस. के जरिये सर्वर को प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने बताया कि ई-महतारी बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी रखने की ऑन लाईन ट्रेकिंग प्रणाली है। इसके अन्तर्गत ग्रामवार प्रत्येक गर्भवती माता एवं शिशुओं का पंजीयन और उन्हें प्रदान प्रदान किए जाने वाले स्वास्थ्य सेवाओं का कम्प्यूटरीकरण किया जाएगा। यह जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत ए.एन.एम. के माध्यम से संकलित कर सर्वर में अपलोड किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किस क्षेत्र में कौन महिला अथवा शिशु का टीकाकरण छूट गया है अथवा ऐसी कौन-कौन गर्भवती माताएं हैं, जिनका अस्पताल में प्रसव कराया जाना अनिवार्य है,की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। माताओं और शिशुओं से संबंधित पूरी जानकारी ऑन लाईन होने से टीकाकरण से छूटे माताओं और बच्चों के लिए जॉब चार्ट बनाकर ए.एन.एम. को भेजे जाएंगे। इससे टीकाकरण एवं लक्षित हितग्राहियों की सूची तैयार करने और गांवों में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से छूटे व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।

