जच्चा-बच्चा का ऑन लाईन रिकार्ड रखने वाला छत्तीसगढ़ बना देश का पहला राज्य
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया ई-महतारी योजना का शुभारंभ

ग्रामीण क्षेत्रों के सभी गर्भवती माताओं और एक वर्ष तक के सभी बच्चों का ऑन लाईन रिकार्ड रखने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है। इसके लिए ई-महतारी के नाम से नयी योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां मंत्रालय के केबिनेट हॉल में कम्प्यूटर में क्लिक करके ई-महतारी योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के शुभारंभ हो जाने से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की सभी गर्भवती माताओं और बच्चों का ऑन लाईन रिकार्ड रखना संभव होगा और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर सुलभ कराई जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर प्रतीक स्वरूप आरंग विकासखंड की दो ए.एन.एम. को कम्प्यूटरीकृत जॉब कार्ड प्रदान किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल मंत्रिमंडल के सभी सदस्य उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि राज्य में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अब तक का यह सबसे महत्वपूर्ण और एक बड़े काम की शुरूआत हुई है। प्रत्येक जच्चा-बच्चा का रिकार्ड ऑन लाईन होने से मातृ एवं शिशु कल्याण कार्यक्रमों की बेहतर मानीटरिंग हो सकेगी और इसके माध्यम से मातृ और शिशु मृत्यु दर में अपेक्षित कमी लाने में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इसके अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने इस योजना के शुभारंभ के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल और विभागीय सचिव श्री विकासशील सहित पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह प्रशंसनीय प्रयास है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि एनआईसी के सहयोग से ई-महतारी साफ्टवेयर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि पहले जच्चा-बच्चा का रिकार्ड रखने के लिए ए.एन.एम. को पन्द्रह प्रकार की पंजी संधारित करनी होती थी। अब मातृ और शिशु कार्यक्रम से संबंधित सभी कार्यक्रमों की एक ही पंजी होगी। पंजी में प्रत्येक गर्भवती माता और एक वर्ष तक के बच्चों के लिए आवश्यक सभी स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा रिकार्ड रखा जाएगा और ए.एन.एम. द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर उस डाटा को ऑन लाईन अपडेट किया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक महीने सेक्टर स्तर पर आयोजित बैठक में सभी मितानिनों को जॉब कार्ड दिया जाएगा, जिसमें टीकाकरण तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से छूटे माताओं एवं बच्चों को सेवाएं प्रदान किये जाने का उल्लेख होगा। ए.एन.एम. इस जॉब कार्ड को लेकर गांवों में जाएंगी और गर्भवती माताओं और बच्चों का टीकाकरण करके जॉब कार्ड पुन: विकासखंड स्तर पर प्रस्तुत करेंगी, जिसे सर्वर में फीड किया जाएगा। यह सिलसिला हर महीने जारी रहेगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री विकासशील ने योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

