पल्स पोलियो अभियान 23 जनवरी को:छत्तीसगढ़ में 35.60 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री द्वारा पांच वर्ष तक आयु के सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने की अपील
रायपुर 22 जनवरी 2011
राष्ट्रव्यापी पल्स पोलियो अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में 23 जनवरी को पांच वर्ष तक की आयु के 35 लाख 60 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी। छत्तीसगढ़ में इस अभियान के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके लिए प्रदेश भर में 22 हजार 634 पोलियो टीकाकरण केन्द्र बनाए गए हैं तथा इसके लिए लगभग 80 हजार कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने पांच वर्ष तक आयु के सभी बच्चों को पोलियो टीकाकरण बूथों में पोलियो की खुराक पिलाने की अपील अभिभावकों से की है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों की जागरूकता से ही देश और प्रदेश में पोलियो जनित विकलांगता को जड़ से नष्ट किया जा सकता है।
स्वास्थ्य और परिवार विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि पल्स पोलियो के अभियान के तहत पहले चरण में 23 जनवरी को और दूसरे चरण में 27 फरवरी को छत्तीसगढ़ के पांच वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में शून्य से पांच वर्ष तक की आयु के लगभग 35 लाख 60 हजार बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के पहले चरण में 23 जनवरी को पोलियो टीकाकरण केन्द्रों में 90 प्रतिशत बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद दूसरे दिन टीकाकरण दलों द्वारा घर-घर जाकर पोलियो की दवा पीने से छूटे बच्चों को पोलियो की खुराक दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान के लिए छत्तीसगढ़ में पांच वर्ष तक आयु के लक्षित 35 लाख 60 हजार बच्चों के लिए भारत सरकार 45 लाख पोलियो वैक्सीन की खुराक प्राप्त हुई है। इसे सभी जिलों को वितरित कर दिया गया है। पोलियो वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए तापमान नियंत्रित बॉक्स पर्याप्त मात्रा में जिलों को भेजे गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि नियमित टीकाकरण केन्द्रों के अलावा दुर्गम इलाकों, पहाड़ी क्षेत्रों, रेल्वे स्टेशनों और बस स्टैण्डों, टोल टैक्स नाकों और अनियोजित बसाहटों में भी पोलियो टीकाकरण केन्द्र बनाए गए हैं। इसके अलावा घुमन्तु परिवारों के बच्चों के टीकाकरण के लिए भी ट्रांजिट दलों का गठन किया गया है। रेल्वे और बस स्टैण्डों में टीकाकरण दलों की डयूटी पोलियों में लगाई गई है। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पिछले साढ़े आठ वर्षों में पोलियो का कोई भी धनात्मक प्रकरण नहीं पाया गया है। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर प्रदेश के पांच वर्ष तक की आयु के शत-प्रतिशत बच्चों को पोलियो टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए शासकीय कर्मचारियों के अलावा स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है।

