छत्तीसगढ़ में हुआ हार्ट का पहला 'रिडू' ऑपरेशन
राज्य सरकार ने दिया आपरेशन का खर्च
रायपुर 09 फरवरी 2011
राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ में हार्ट सर्जरी की सुविधा काफी आसान हुई है और इस दौरान हृदय के कई जटिल आपरेशन भी हुए हैं, लेकिन अब यहां हृदय के 'रिडू ऑपेरशन' की भी शुरूआत हो गई है। राजधानी रायपुर के एस्कार्ट केयर हॉस्पिटल में अम्बिकापुर के 26 वर्षीय श्री अमृत विश्वास के हृदय का
सफल रिडू आपरेशन किया है। राज्य सरकार ने संजीवनी कोष से इस आपरेशन का पूरा खर्च दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने 'जनदर्शन' में प्राप्त आवेदन के आधार पर श्री विश्वास के आपरेशन के लिए संजीवनी कोष से एक लाख पचास हजार रूपए की सहायता दी थी।
चिकित्सकों ने बताया कि रिडू आपरेशन ऐसी चिकित्सा पध्दति है, जिसमें सीने की बीच की हड्डी को काटकर हृदय को दुबारा खोला जाता है। हार्ट को दुबारा खोलने से यह ऑपरेशन काफी जोखिम भरा होता है, यही कारण है कि छत्तीसगढ़ में रिडू आपरेशन के प्रकरणों को राज्य के बाहर भेजा जाता है। श्री अमृत विश्वास के हृदय का वर्ष 2002 में एक बार हार्ट ओपन कर वाल्ब को बदला जा चुका था। उनके हृदय का दूसरा वाल्ब भी खराब होने के कारण श्री विश्वास को एक फरवरी को एस्कार्ट में भर्ती किया गया था और चार फरवरी को उनके हृदय के दूसरे वाल्ब को सफलतापूर्वक बदल दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग साढ़े चार घंटे का वक्त लगा। उन्होंने बताया कि मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है और एक-दो दिन में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
अम्बिकापुर के पास ग्राम महावीर नगर निवासी श्री अमृत विश्वास बेरोजगार हैं। उन्होंने बताया कि इसके पहले वर्ष 2002 में बिलासपुर में उनके हृदय का आपरेशन हो चुका है, उस समय भी उनके हृदय का वाल्ब खराब हो गया था। श्री विश्वास ने बताया कि पहली बार उनके हृदय का आपरेशन हुआ, उस समय उन्हें किसी सरकारी योजना की जानकारी नहीं थी, उस समय रिश्तेदार और गांव वालों ने चंदा कर उनका आपरेशन का खर्च दिया था। दुबारा बीमार होने पर उन्होंने रायपुर में जनदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की और उन्हीं के निर्देश पर इस आपरेशन के लिए राशि दी गई। मरीज का यह सफल आपरेशन डॉ. कल्पेश मलिक ने किया।
सफल रिडू आपरेशन किया है। राज्य सरकार ने संजीवनी कोष से इस आपरेशन का पूरा खर्च दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने 'जनदर्शन' में प्राप्त आवेदन के आधार पर श्री विश्वास के आपरेशन के लिए संजीवनी कोष से एक लाख पचास हजार रूपए की सहायता दी थी।चिकित्सकों ने बताया कि रिडू आपरेशन ऐसी चिकित्सा पध्दति है, जिसमें सीने की बीच की हड्डी को काटकर हृदय को दुबारा खोला जाता है। हार्ट को दुबारा खोलने से यह ऑपरेशन काफी जोखिम भरा होता है, यही कारण है कि छत्तीसगढ़ में रिडू आपरेशन के प्रकरणों को राज्य के बाहर भेजा जाता है। श्री अमृत विश्वास के हृदय का वर्ष 2002 में एक बार हार्ट ओपन कर वाल्ब को बदला जा चुका था। उनके हृदय का दूसरा वाल्ब भी खराब होने के कारण श्री विश्वास को एक फरवरी को एस्कार्ट में भर्ती किया गया था और चार फरवरी को उनके हृदय के दूसरे वाल्ब को सफलतापूर्वक बदल दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग साढ़े चार घंटे का वक्त लगा। उन्होंने बताया कि मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है और एक-दो दिन में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
अम्बिकापुर के पास ग्राम महावीर नगर निवासी श्री अमृत विश्वास बेरोजगार हैं। उन्होंने बताया कि इसके पहले वर्ष 2002 में बिलासपुर में उनके हृदय का आपरेशन हो चुका है, उस समय भी उनके हृदय का वाल्ब खराब हो गया था। श्री विश्वास ने बताया कि पहली बार उनके हृदय का आपरेशन हुआ, उस समय उन्हें किसी सरकारी योजना की जानकारी नहीं थी, उस समय रिश्तेदार और गांव वालों ने चंदा कर उनका आपरेशन का खर्च दिया था। दुबारा बीमार होने पर उन्होंने रायपुर में जनदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की और उन्हीं के निर्देश पर इस आपरेशन के लिए राशि दी गई। मरीज का यह सफल आपरेशन डॉ. कल्पेश मलिक ने किया।
क्रमांक-6161/कुशराम

