सिकलसेल प्रबंधन कार्यक्रम के लिए 2.93 करोड़ का प्रावधान
रायपुर 5 अप्रैल 2011
छत्तीसगढ़ में सिकलसेल रोगियों की स्केनिंग के लिए इस वर्ष सिकलसेल प्रबंधन कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सिकलसेल एनीमिया एक ज्वलंत समस्या है और इस समस्या के निदान तथा सिकलसेल रोगियों की पहचान करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशा के अनुरूप सिकलसेल प्रबंधन कार्यक्रम की शुरूआत की जा रही है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2011-12 के बजट में इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए दो करोड़ 93 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।
श्री अग्रवाल ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत सभी स्कूली बच्चों और माताओं की स्केनिंग की जाएगी और सिकलसेल के रोगी पाए जाने पर उनका नि:शुल्क उपचार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर में 22 से 27 नवम्बर तक सिकलसेल पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में सिकलसेल प्रबंधन कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की थी। ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ में कुल जनसंख्या का लगभग दस से पन्द्रह फीसदी आबादी सिकल सेल एनीमिया के वाहक और 1.2 प्रतिशत लोग सिकल सेल एनीमिया के रोगी है। छत्तीसगढ़ शासन की आर्थिक मदद से चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के बायोकेमेस्ट्री विभाग द्वारा सितम्बर 2007 से सिकल सेल के नियंत्रण के लिए सिकल सेल स्क्रीनिंग प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। इसके तहत रायपुर और महासमुंद जिले में लगभग पांच लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिसमें लगभग दस प्रतिशत लोगों में सिकल सेल धनात्मक पाया गया है।

