संजीवनी ने आपात परिस्थिति में एक हजार से अधिक मरीजों को पहुंचाया अस्पताल
रायपुर 22 फरवरी 2011
रायपुर जिले के भाटापारा विकासखंड के ग्राम पेडंरी का श्री गोलू यादव रोज की तरह 12 फरवरी को घास काटने वाली मशीन से घास काट रहा था, तभी उनका दाहिना हाथ मशीन में चला गया और उनका हाथ बुरी तरह कट जाने से खून की धारा बहने लगी। उनके आसपास काम करने वालों ने तत्काल 108 डायल कर संजीवनी एक्सप्रेस को बुलाया तब तक ज्यादा खून बह जाने से श्री यादव बेहोश हो गए। संजीवनी एक्सप्रेस के तकनीकी स्टॉफ ने तत्काल खून के प्रवाह रोका और आधे घंटे के भीतर उन्हें रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी तरह भाटापारा विकासखंड के ग्राम मिरगी का श्री राममनोज यादव पारिवारिक विवाद के कारण 4 फरवरी को फांसी में झूल गया, गांव वालों ने तुरंत उन्हें नीचे उतारा, लेकिन रस्सी गले में ज्यादा कस जाने के कारण उन्हें सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी। गांव के सरपंच ने 108 डायल कर संजीवनी एक्सप्रेस को बुलाया और तकनीकी स्टॉफ ने तुरंत उसे ऑक्सीजन दिया और भाटापारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया। यह एक बानगी है संजीवनी एक्सप्रेस द्वारा मरीजों को जरूरत के समय उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का। इस तरह रोज सैकड़ों मामलों में संजीवनी एक्सप्रेस मरीजों और घायलों के लिए मददगार बन रहा है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आपात परिस्थितियों में मरीजों और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए शुरू की गई '108 संजीवनी एक्सप्रेस' द्वारा अब तक एक हजार से अधिक घायलों और जरूरतमदों को मुसीबत के समय में अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचायी है। पिछले महीने की 25 तारीख को योजना शुरू के बाद एक महीने से भी कम समय में एक हजार आठ लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है। यहां गौर करने लायक बात यह है कि नब्बे फीसदी मामलों में एम्बुलेंस अपने निर्धारित समय पर पहुंचकर जरूरतमदों को अस्पताल पंहुचाया है। रजबंधा मैदान स्थित संजीवनी एक्सप्रेस के कॉल सेंटर से प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 जनवरी 2011 को योजना शुरू होने के बाद 20 फरवरी तक रायपुर और बस्तर जिले से 40 हजार 697 कॉल आ चुके हैं। इनमें केवल 1635 कॉल ही इमरजेंसी के थे। इमरजेंसी से संबंधित 1008 मामलों में एम्बुलेंस भेजकर लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि अब तक जिन मरीजों और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है, उनमें सड़क दुर्घटना के 263, प्रसव से संबंधित 264, आत्मा हत्या के प्रयास और जहरखुरानी से संबंधित 24, श्वांस में तकलीफ से संबंधित 32, हार्ट अटैक से संबंधित 43 और 382 अन्य बीमारियों से संबंधित हैं।
उल्लेखनीय है कि 25 जनवरी 2011 को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने '108 संजीवनी एक्सप्रेस' योजना का शुभारंभ किया था। यह योजना रायपुर और बस्तर जिले में संचालित हैं। इन जिलों के भीतर कोई भी हादसा या दुर्घटना होने पर कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नम्बर 108 डायल कर एम्बुलेंस बुला सकता है।

