फाईलेरिया की रोकथाम के लिए 13 मार्च से कराया जाएगा सामूहिक दवा सेवन
छत्तीसगढ़ के नौ जिलों में होगा दवा का वितरण
रायपुर 10 मार्च 2011
छत्तीसगढ़ में फाईलेरिया (हाथीपांव) की रोकथाम के लिए प्रदेश के फाईलेरिया प्रभावित नौ जिलों में 13 मार्च से 15 मार्च तक लोगों को फाईलेरिया रोधी दवा का सामूहिक सेवन कराया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रभावित जिलों में घर-घर जाकर लोगों को डी.ई.सी. की दवा खिलाई जाएगी। इसके साथ ही कृमि नाशक एलमेडाजोल दवा का भी वितरण किया जाएगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने फाईलेरिया रोधी दवा की खुराक लेने की अपील प्रभावित जिलों के नागरिकों से की है। उन्होंने कहा कि नागरिकों के सहयोग से ही प्रदेश में इस बीमारी का उन्मूलन किया जा सकता है। 
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ के नौ जिले रायपुर, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, महासमुंद, सरगुजा, रायगढ़, धमतरी, जशपुर और दुर्ग जिला फाईलेरिया से प्रभावित है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता 13 से 15 मार्च तक इन जिलों में घर-घर जाकर लोगों को फाईलेरिया रोधी डी.ई.सी. और कृमि नाशक एलमेडाजोल दवा का वितरण करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि फाईलेरिया की दवा डी.ई.सी. का सेवन खाली पेट में नहीं करना चाहिए। गर्भवती माता एवं दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को भी यह दवा नहीं देनी चाहिए। गंभीर रूप से बीमार अथवा ज्यादा बजुर्ग व्यक्तियों को डी.ई.सी. दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।
फाईलेरिया के लक्षण:- बार-बार हल्का बुखार आना, सांस फूलना, दमे की शिकायत होना, हाथ-पैर के जोड़ में गांठ होना, अण्डकोष में सूजन आना, गुप्तांगों में सूजन आना, त्वचा में घाव होना, खुजलाहट होना आदि फाईलेरिया के लक्षण हैं। सूजन स्थाई होता है और कम नहीं होता है और इससे स्थाई विकलांगता भी आ सकती है।
कैसे होता है फाईलेरिया का संक्रमण:- ऊचरेरिया बैकोफ्टाई नामक कीटाणु, जिसे 'माईक्रोफायलेरिया के नाम से जाना जाता है, के कारण फाईलेरिया का संक्रमण होता है। यह संक्रमण क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। मच्छर के काटने और कीटाणु के स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में पहुंचने के एक वर्ष तक फाईलेरिया का कोई लक्षण दिखाई नहीं देता।
उपचार:- फाईलेरिया का परीक्षण रात के समय रक्त परीक्षण के माध्यम से किया जाता है। फाईलेरिया का पता चलने के बाद नियमित रूप से निर्धारित मात्रा में डी.ई.सी. (डाई ईथाइल कार्बाथइजिन साइट्रेट) की गोलियां का सेवन करना आवश्यक है। नियमित रूप से सफाई एवं व्यायाम से शरीर में आई सूजन को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
रोकथाम के उपाय:- फाईलेरिया के लिए जिम्मेदार क्यूलेक्स मच्छर सामान्यत: घरों के आसपास गंदे पानी के जमावट से पनपते हैं। गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था करके अथवा मच्छरों के लार्वा को नष्ट करके इन मच्छरों को पनपने से रोका जा सकता है।

