स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल ने किया शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ
बच्चों के समग्र विकास और बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी है टीकाकरण-श्री अग्रवाल
शिशु संरक्षण माह के दौरान प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को होगा टीकाकरण
रायपुर, 04 मई 2010

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने आज धमतरी में राज्य स्तरीय शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ करते हुए कहा कि बच्चों के समग्र विकास और उन्हें विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण जरूरी है। ऐसे बच्चे जिनका सम्पूर्ण टीकाकरण नहीं हुआ है,उनका टीकाकरण शिशु संरक्षण के दौरान अवश्य कराया जाए। श्री अग्रवाल ने समारोह स्थल पर बच्चों को विटामिन 'ए' का घोल पिलाकर राज्य स्तरीय शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ किया। इसके साथ पूरे प्रदेश में बच्चों का टीकाकरण और गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य की जांच का काम शुरू हो गया है। टीकाकरण का कार्य 7 जून 2010 तक चलेगा। इसके अन्तर्गत सप्ताह के प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को बच्चों के सम्पूर्ण टीकाकरण के साथ ही उन्हें विटामिन'ए' की खुराक दी जाएगी। इस दौरान गर्भवती माताओं का भी पंजीयन होगा और उनके स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही उन्हें आयरन की गोलियां वितरित की जाएंगी। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से आवश्यकता अनुसार बच्चों को पूरक पोषण आहार भी उपलब्ध कराया जाएगा। शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने की। इस अवसर पर धमतरी के विधायक श्री गुरूमुख सिंह होरा, नगरपालिका परिषद धमतरी के अध्यक्ष श्री डॉ. एन.पी. गुप्ता, जिला पंचायत धमतरी के अध्यक्ष श्री बालाराम साहू और धमतरी के पूर्व विधायक श्री इन्दर चोपड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिशु संरक्षण माह के दौरान बच्चों का टीकाकरण कराना हर अभिभावक की जिम्मेदारी है। टीकाकरण के माध्यम से हम अपने बच्चों को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचा सकते हैं। शिशु संरक्षण माह के दौरान सभी बच्चों का नि:शुल्क टीकाकरण किया जाएगा और उन्हें विटामिन 'ए' की खुराक दी जाएगी। इसका लाभ सभी अभिभावकों को उठाना चाहिए। इसके साथ ही गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य की भी जांच कराएं। इससे प्रसव पूर्व की जटिलताओं का पता लग सकता है और समय पर उसका निदान भी हो सकता है। इससे हम मातृ मृत्युदर में कमी ला सकते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। किसी भी प्रकार की दुर्घटना अथवा आकस्मिक चिकित्सा की जरूरत होने पर अब मरीज को आधे घंटे के भीतर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह योजना आगामी दिसम्बर माह से शुरू हो जाएगा। इसके अन्तर्गत प्रदेश के किसी भी कोने से 108 नम्बर डायल करने पर आधे घण्टे के भीतर एम्बुलेंस हाजिर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को हृदय संबंधी बीमारी से बचाने के लिए राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना शुरू की गई है। इसके अन्तर्गत अब लगभग बारह सौ बच्चों के हृदय का नि:शुल्क आपरेशन किया जा चुका है। इसी तरह हाल ही में श्रवण बाधित बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना शुरू की गई है। इसके अन्तर्गत अब तक अठारह बच्चों का सफल आपरेशन किया जा चुका है। इसके अन्तर्गत गरीब रेखा श्रेणी के परिवार को छह लाख और सामान्य परिवार के बच्चों को चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए प्रदेश के बीस अस्पतालों में पोषण पुनर्वास केन्द्रों की स्थापना की गई है, जहां कुपोषित बच्चों का समुचित उपचार के साथ ही उन्हें पौष्टिक आहार भी दिया जाता है।
कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने इस अवसर पर कहा कि शिशु संरक्षण माह की शुरूआत धमतरी जिले से हो रही है, यह गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि बच्चों के नियमित टीकाकरण के कारण ही छत्तीसगढ़ में शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। टीकाकरण के मामले में छत्तीसगढ़ अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति में है। समारोह को धमतरी के विधायक श्री गुरूमुख सिंह होरा और पूर्व विधायक श्री इन्दर चोपड़ा ने भी सम्बोधित किया। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री विकासशील ने बताया कि छत्तीसगढ़ में हर वर्ष लगभग 80 प्रतिशत बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया जाता है, जिसके फलस्वरूप शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में शिशु मृत्यु की दर 57 प्रति हजार है। इसे आगामी 2012 तक 30 प्रति हजार तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।
उल्लेखनीय है शिशु संरक्षण माह के दौरान गर्भवती माताओं का पंजीयन, गर्भावस्था के दौरान समस्त जांच और गर्भवस्था के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाने वाली सेवाओं की जानकारी गर्भवती माताओं को दी जाएगी। इसी तरह शिशु स्वास्थ्य के अन्तर्गत शिशुओं का उनकी आयु के अनुरूप टीकाकरण, टीकाकरण से वंचित बच्चों की जानकारी संकलित कर उनका टीकाकरण किया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों को विटामिन 'ए' का घोल, गर्भवती माताओं और एक से पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को रक्त अल्पता की स्थिति में आयरन फोलिक एसिड की गोलियों का वितरण किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों द्वारा छह माह से अधिक आयु के बच्चों में रक्त अल्पता के लक्षण दिखने पर उन्हेंं आयरन की छोटी गोलियां और गर्भवती माताओं को आवश्यकतानुसार बड़ी आयरन की गोलियां दी जाएगी। प्रत्येक गर्भवती माता और बच्चों का जच्चा-बच्चा कार्ड भी इस दौरान बनाया जाएगा। जिसमें सभी टीकाकरण और उनकी तिथियां दर्ज होगी।
शिशु संरक्षण माह के दौरान कुपोषित बच्चों की भी पहचान की जाएगी और पहचान के बाद बच्चों को पौष्टिक आहार और उनका समुचित उपचार की व्यवस्था की जाएगी। बच्चों को कृमिनाशक दवा का वितरण भी किया जाएगा। इस दौरान मलेरिया प्रभावित जिलों में मच्छरदानियों का औषधिकरण भी किया जाएगा। मच्छरदानी के औषधिकरण और मच्छरदानी के उपयोग की विधि भी बताई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारी घर-घर जाकर समुदाय की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं का आंकलन भी करेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री श्री अग्रवाल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिशु संरक्षण माह के दौरान बच्चों का टीकाकरण कराना हर अभिभावक की जिम्मेदारी है। टीकाकरण के माध्यम से हम अपने बच्चों को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचा सकते हैं। शिशु संरक्षण माह के दौरान सभी बच्चों का नि:शुल्क टीकाकरण किया जाएगा और उन्हें विटामिन 'ए' की खुराक दी जाएगी। इसका लाभ सभी अभिभावकों को उठाना चाहिए। इसके साथ ही गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य की भी जांच कराएं। इससे प्रसव पूर्व की जटिलताओं का पता लग सकता है और समय पर उसका निदान भी हो सकता है। इससे हम मातृ मृत्युदर में कमी ला सकते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। किसी भी प्रकार की दुर्घटना अथवा आकस्मिक चिकित्सा की जरूरत होने पर अब मरीज को आधे घंटे के भीतर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह योजना आगामी दिसम्बर माह से शुरू हो जाएगा। इसके अन्तर्गत प्रदेश के किसी भी कोने से 108 नम्बर डायल करने पर आधे घण्टे के भीतर एम्बुलेंस हाजिर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को हृदय संबंधी बीमारी से बचाने के लिए राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना शुरू की गई है। इसके अन्तर्गत अब लगभग बारह सौ बच्चों के हृदय का नि:शुल्क आपरेशन किया जा चुका है। इसी तरह हाल ही में श्रवण बाधित बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना शुरू की गई है। इसके अन्तर्गत अब तक अठारह बच्चों का सफल आपरेशन किया जा चुका है। इसके अन्तर्गत गरीब रेखा श्रेणी के परिवार को छह लाख और सामान्य परिवार के बच्चों को चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए प्रदेश के बीस अस्पतालों में पोषण पुनर्वास केन्द्रों की स्थापना की गई है, जहां कुपोषित बच्चों का समुचित उपचार के साथ ही उन्हें पौष्टिक आहार भी दिया जाता है।
कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने इस अवसर पर कहा कि शिशु संरक्षण माह की शुरूआत धमतरी जिले से हो रही है, यह गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि बच्चों के नियमित टीकाकरण के कारण ही छत्तीसगढ़ में शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। टीकाकरण के मामले में छत्तीसगढ़ अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति में है। समारोह को धमतरी के विधायक श्री गुरूमुख सिंह होरा और पूर्व विधायक श्री इन्दर चोपड़ा ने भी सम्बोधित किया। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री विकासशील ने बताया कि छत्तीसगढ़ में हर वर्ष लगभग 80 प्रतिशत बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया जाता है, जिसके फलस्वरूप शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में शिशु मृत्यु की दर 57 प्रति हजार है। इसे आगामी 2012 तक 30 प्रति हजार तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।
उल्लेखनीय है शिशु संरक्षण माह के दौरान गर्भवती माताओं का पंजीयन, गर्भावस्था के दौरान समस्त जांच और गर्भवस्था के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाने वाली सेवाओं की जानकारी गर्भवती माताओं को दी जाएगी। इसी तरह शिशु स्वास्थ्य के अन्तर्गत शिशुओं का उनकी आयु के अनुरूप टीकाकरण, टीकाकरण से वंचित बच्चों की जानकारी संकलित कर उनका टीकाकरण किया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों को विटामिन 'ए' का घोल, गर्भवती माताओं और एक से पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को रक्त अल्पता की स्थिति में आयरन फोलिक एसिड की गोलियों का वितरण किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों द्वारा छह माह से अधिक आयु के बच्चों में रक्त अल्पता के लक्षण दिखने पर उन्हेंं आयरन की छोटी गोलियां और गर्भवती माताओं को आवश्यकतानुसार बड़ी आयरन की गोलियां दी जाएगी। प्रत्येक गर्भवती माता और बच्चों का जच्चा-बच्चा कार्ड भी इस दौरान बनाया जाएगा। जिसमें सभी टीकाकरण और उनकी तिथियां दर्ज होगी।
शिशु संरक्षण माह के दौरान कुपोषित बच्चों की भी पहचान की जाएगी और पहचान के बाद बच्चों को पौष्टिक आहार और उनका समुचित उपचार की व्यवस्था की जाएगी। बच्चों को कृमिनाशक दवा का वितरण भी किया जाएगा। इस दौरान मलेरिया प्रभावित जिलों में मच्छरदानियों का औषधिकरण भी किया जाएगा। मच्छरदानी के औषधिकरण और मच्छरदानी के उपयोग की विधि भी बताई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारी घर-घर जाकर समुदाय की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं का आंकलन भी करेंगे।
क्रमांक 653/कुशराम

