संजीवनी एक्सप्रेस ने बचाया चार हजार से ज्यादा जीवन
रायपुर 29 मार्च 2011
राज्य शासन द्वारा आपात परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए शुरू की गई '108 संजीवनी एक्सप्रेस' अब तक चार हजार 151 लोगों सुरक्षित अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचायी है। इनमें सर्वाधिक प्रकरण सड़क दुर्घटनाओं और प्रसव से संबंधित हैं।
संजीवनी एक्सप्रेस के रायपुर स्थित कॉल सेंटर से प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 जनवरी से 20 मार्च 2011 तक कॉल सेंटर में दो लाख 35 हजार से अधिक कॉल आ चुके हैं। इनमें दस हजार 832 कॉल इमरजेंसी के थे। इनमें चार हजार 151 मरीजों को आपात परिस्थितियों में तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है। जिन मरीजों को अस्पताल पंहुचाया गया है, उनमें सड़क दुर्घटनाओं के 970 प्रकरण हैं। जबकि गर्भवती माताओं के प्रसव से संबंधित 1281, आत्महत्या के प्रयास से संबंधित 125, श्वांस की तकलीफ से संबंधित 111, हार्ट अटैक से संबंधित और दूसरे अन्य आपात परिस्थितियों से संबंधित 921 मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए ' 108 संजीवनी एक्सप्रेस' की एम्बुलेंस सेवा की शुरूआत की थी। इस योजना के तहत किसी भी आपात परिस्थिति में मरीजों को तत्काल अस्पताल पंहुचाने के लिए आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाती है। लेण्डलाईन अथवा किसी भी मोबाईल सेट से टोल फ्री नम्बर 108 डायल करने पर शहरी क्षेत्रों में 20 मिनिट के भीतर और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनिट के भीतर एम्बुलेंस पहुंच जाता है। पहले चरण में यह सेवा रायपुर और बस्तर जिले के लिए है। इन जिलों में 36 एम्बुलेंस विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं।

