संजीवनी एक्सप्रेस ने तय किया ''स्वर्णिम 108 दिन'' का सफर
नौ हजार से अधिक लोगों को मिला नया जीवन
रायपुर, 13 मई 2011

छत्तीसगढ़ सरकार की नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा 'संजीवनी एक्सप्रेस' ने अपने कार्यकाल के 108 दिन सफलता पूर्वक पूरे कर लिए है। इस अवधि में इस सेवा ने नौ हजार से अधिक लोगों की आपात स्थिति में जान बचाकर उन्हें नया जीवन प्रदान किया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा इसी साल की 25 जनवरी को रायपुर जिले में और 26 जनवरी को बस्तर जिले में 108 संजीवनी एक्सप्रेस सेवा का शुभारंभ किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन और जी.वी.के. इमरजेंसी मैनेजमेंट एण्ड रिसर्च इंस्टीटयूट द्वारा संचालित नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा संजीवनी एक्सप्रेस के 108 दिन पूरे होने पर आज यहां राजधानी रायपुर के सिहावा भवन स्थित जल संसाधन केन्द्र परिसर के भारत रत्न डॉ. एम.विश्वेश्रय्या सभागृह में 'स्वर्णिम 108 दिन' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. कमलप्रीत सिंह और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के संचालक श्री आर.प्रसन्ना ने लोगों की जान बचाने में पूरी कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण से दिन-रात बेहतर सेवा देने वाले संजीवनी एक्सप्रेस सेवा के आपात कालीन मेडिकल तकनीशियनों, एम्बुलेंस के चालकों, कॉल सेंटर के अधिकारियों तथा सहयोगी स्टाफ को स्मृति चिन्ह भेंटकर उन्हें सम्मानित किया।
''स्वर्णिम 108 दिन'' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि जिस त्याग और लगन से संजीवनी एक्सप्रेस लोगों की सेवा कर रही है उससे इस सेवा पर लोगों का विश्वास बढ़ा है और यह विश्वास दिनो-दिन बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सेवा का विस्तार पूरे प्रदेश में करने की कार्ययोजना बनाई जा रही है। डॉ. सिंह ने कहा कि लोगों की जान बचाना सबसे बढ़ा पुण्य का काम है और संजीवनी एक्सप्रेस इसमें पूरी तरह खरी उतरी है। उन्होंने इसके लिए इससे जुड़े सभी मेडिकल और तकनीकी स्टाफ को बधाई और शुभकामनाएं दी। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के संचालक श्री आर. प्रसन्ना ने कहा कि किसी का जीवन बचाना उसे नया जीवन देने के समान है। संजीवनी एक्सप्रेस की टीम ने विपरीत परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करते हुए आपात परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने में वरदान साबित हुई है। उन्होंने इससे जुड़े लोगों का हौसला अफजाई करते हुए उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में जी.वी.के. इमरजेंसी मैनेजमेंट एण्ड रिसर्च इंस्टीटयूट के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पुरषोत्तम वर्मा ने छत्तीसगढ़ में '108 संजीवनी एक्सप्रेस सेवा' के प्रारंभ से अब तक तय किये गए सफर की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 25 जनवरी 2011 को रायपुर जिले में और 26 जनवरी 2011 को बस्तर जिले में प्रारंभ की गई इस सेवा के कॉल सेंटर में अब तक तीन लाख से अधिक लोगों ने कॉल किया है वहीं आपात परिस्थितियों में नौ हजार से अधिक मरीजों को समय पर प्राथमिक उपचार मुहैया कराया गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिससे लोगों की जान बचाने में यह मददगार साबित हुई है। श्री वर्मा ने बताया कि इनमेंं 150 प्रकरण प्रसव के हैं। उन्होंने बताया कि रायपुर जिले में 25 एम्बुलेंस और बस्तर जिले में 11 एम्बुलेंस के माध्यम से शहरी और ग्रामीणों दोनो क्षेत्रों में यह सेवा लोगों को कॉल सेंटर में कॉल करने पर मात्र 15 से 20 मिनट में उपलब्ध करायी जा रही है।

