छत्तीसगढ़ में डेढ़ लाख से अधिक नसबंदी आपरेशन
साढ़े नौ करोड़ रूपए से अधिक की प्रोत्साहन
राशि का भुगतान
रायपुर 25 मई 2011
छत्तीसगढ़ में बीते वित्तीय वर्ष 2010-11 में परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत निर्धारित लक्ष्य एक लाख 98 हजार के विरूध्द एक लाख 52 हजार 803 नसबंदी आपरेशन किए गए हैं। इनमें एक लाख 45 हजार 90 महिला और सात हजार 713 पुरूष नसबंदी शामिल है। राज्य सरकार द्वारा नसबंदी कराने वाले पुरूष और महिलाओं को प्रोत्साहन के रूप में नौ करोड़ 55 लाख रूपए से अधिक की राशि वितरित की गई है। कार्यक्रम के तहत पुरूष नसबंदी पर ग्यारह सौ रूपए और महिला नसबंदी पर छह सौ रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके अलावा नसबंदी के लिए प्रोत्साहित करने वाले प्रेरकों को भी पुरूष नसबंदी पर दो सौ रूपए और महिला नसबंदी पर 150 रूपए की प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाता है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि वित्तीय वर्ष 2010-11 में बस्तर जिले में 08 हजार 243, कंाकेर जिले में चार हजार 350, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में एक हजार 842, नारायपुर जिले में एक हजार 277 और बीजापुर जिले में 374 नसबंदी आपरेशन किए गए हैं। इसी तरह बिलासपुर जिले में 14 हजार 612, रायगढ़ जिले में 09 हजार 669, जांजगीर-चाम्पा जिले में सात हजार 835, कोरबा जिले में सात हजार 808, राजनांदगांव जिले में दस हजार 387, दुर्ग जिले में 22 हजार 736, रायपुर जिले में 22 हजार 824, कबीरधाम (कवर्धा) जिले पांच हजार 660, महासमुंद जिले में सात हजार 581, धमतरी जिले में छह हजार 059, सरगुजा जिले में 14 हजार 262, कोरिया जिले में तीन हजार 255 और जशपुर जिले में चार हजार 029 नसबंदी आपरेशन किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा परिवार कल्याण कार्यक्रम के अन्तर्गत नसबंदी कराने पर बीमा सुरक्षा प्रदान की गयी है। इसके तहत नसबंदी आपरेशन के सात दिन के भीतर मृत्यु हो जाती है, तो निकटतम परिजन को अधिकतम दो लाख रूपए की राशि दी जाएगी। नसबंदी आपरेशन के पश्चात आठ से तीस दिन के भीतर मृत्यु होती है, तो अधिकतम पचास हजार रूपए की सहायता दी जाती है। इसी तरह नसबंदी आपरेशन असफल हो जाने पर अधिकतम तीस हजार रूपए तथा नसबंदी आपरेशन के बाद जटिलता हो जाने पर दो महीने तक उपचार के लिए अधिकतम 25 हजार रूपए की सहायता राशि दी जाती है।

