टेलीफोन पर भी हो रहा है पेयजल समस्या का समाधान
अब तक ग्यारह सौ से ज्यादा समस्याओं का निराकरण
रायपुर 12 अप्रैल 2010
गर्मी के मौसम में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या के शिकायत के लिए टोल फ्री नम्बर 1800-233-0008 चालू किया गया है। इस टोल फ्री नम्बर में सुबह आठ बजे से रात्रि आठ बजे तक राज्य के किसी भी स्थान से पेयजल समस्या का शिकायत किया जा सकता है। यह टोल फ्री टेलीफोन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के रायपुर स्थित मुख्यालय में लगाया गया है। हैण्ड पम्प में खराबी, भू-जल स्तर कम होने से हैण्ड पम्प से पानी नहीं निकलना, नल जल योजनाओं में खराबी, दूषित जल निकलना, पेयजल के लिए उपयोगी विभिन्न प्रकार के उपकरणों की कमी से संबंधित शिकायतें इस टेलीफोन नम्बर पर नि:शुल्क दर्ज करायी जा सकती है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री केदार कश्यप ने विभागीय अधिकारियों से कहा है कि टोल फ्री नम्बर पर पेयजल समस्या के बारे में प्राप्त शिकायतों को संबंधित जिलों के विभागीय अधिकारियों को तत्काल अवगत कराया जाए, ताकि समाधान के लिए त्वरित पहल की जा सके। राज्य में चालू गर्मी मौसम में अब तक 1271 पेयजल समस्या की शिकायतें टोल फ्री नम्बर पर प्राप्त हो चुकी है। इनमें से एक हजार 123 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है और शेष 148 शिकायतों का निराकरण करने की कार्रवाई जारी है। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के सर्वाधिक 400 शिकायतें प्राप्त हुए हैं। इनमें से 374 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। राजनांदगांव जिले से प्राप्त 189 शिकायतों में 178 शिकायतों का निराकरण किया गया है। रायपुर जिले से 130 शिकायतों में से 121 का निराकरण हो चुका है। इसी प्रकार बस्तर जिले से 69, कांकेर जिले से 74, रायगढ़ जिले से 86, बिलासपुर जिले से 31 कवर्धा जिले से 16 दुर्ग से 75, दंतेवाड़ा जिले से 33, नारायणपुर और जशपुर जिले से 4-4 शिकायतें तथा कोरबा जिले से 14 और सरगुजा जिले से एक शिकायत मिली है। जिनका निराकरण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा किया गया है।

