हैण्डपंप खराब है ? :डायल करें 1800-233-0008
रायपुर 20 अप्रैल, 2011
छत्तीसगढ़ के किसी भी गांव में यदि कोई हैण्डपंप खराब हो या तकनीकी खराबी के कारण नल-जल योजना बंद हो तो, उसकी सूचना टोल फ्री टेलीफोन नम्बर 1800-233-0008 पर दर्ज करायी जा सकती है। पेयजल योजनाओं के सुचारू संचालन में आम जनता की भागीदारी के लिए यह नि:शुल्क कॉल सेन्टर राजधानी रायपुर स्थित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्यालय 'नीर भवन' में स्थापित किया गया है। राज्य के चौदह जिलों में कल 19 अप्रैल से प्रारंभ दस दिवसीय ग्राम सुराज अभियान में भी पेयजल योजनाओं से संबंधित जनशिकायतों और समस्याओं का निराकरण किया जा रहा र्है।
लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि ग्राम सुराज अभियान के दौरान राज्य में स्थापित हैण्डपंप सहित सभी पेयजल योजनाओं का परीक्षण किया जाएगा और जहां पर कमी होगी उसे दूर कर लिया जाएगा। शालाओं में पेयजल की व्यवस्था सहित पेयजल की गुणवत्ता का भी परीक्षण किया जाएगा। राज्य के जिले एवं विकासखंड स्तर पर मोबाईल हैण्डपंप सुधार यूनिट चलाकर सभी पेयजल योजनाओं को चालू रखने के उपाय किए गए हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि अभियान के दौरान गांवों में स्वच्छता और साफ-सफाई के बारे में गांववासियों को जागरूक बनाने विभिन्न शिक्षाप्रद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राज्य में पेयजल के लिए दो लाख दस हजार हैण्डपंप स्थापित किए गए हैं। पेयजल की दृष्टि से वर्ष 2009 के सर्वेक्षण के आधार पर राज्य के 19 हजार 744 गांवों के 72 हजार 321 बसाहटों में प्रत्येक में एक हैण्डपंप स्थापित कर दिए गए हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्यालय 'नीर भवन' में स्थापित शिकायत केन्द्र के टोल फ्री नम्बर में अब तक दो हजार 801 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसमें से दो हजार 715 शिकायतों का निराकरण हो चुका है और 86 प्रकरणों पर कार्रवाई जारी है। शिकायत केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे अधिक 717 हैण्डपंप खराब होने की शिकायत जांजगीर-चांपा जिले से मिली है। इसमें से 711 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। छह प्रकरणों पर कार्रवाई जारी है। इसके अलावा राजनांदगांव जिले से 422, महासमुंद से 299, रायपुर जिले से 267, दुर्ग से 196, धमतरी से 107, कांकेर से 153, बस्तर (जगदलपुर) से 148, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) से 77, नारायणपुर 17, बीजापुर 13, सरगुजा से 20, जशपुर से 17, रायगढ़ 181, कोरबा 38, बिलासपुर से 86, कबीरधाम (कवर्धा) से 42 और कोरिया जिले से सबसे कम एक शिकायत प्राप्त हुआ है। इन शिकायतों में से शत-प्रतिशत शिकायतों का निराकरण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा करने की जानकारी वहां के अधिकरियों ने दी है।
लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि ग्राम सुराज अभियान के दौरान राज्य में स्थापित हैण्डपंप सहित सभी पेयजल योजनाओं का परीक्षण किया जाएगा और जहां पर कमी होगी उसे दूर कर लिया जाएगा। शालाओं में पेयजल की व्यवस्था सहित पेयजल की गुणवत्ता का भी परीक्षण किया जाएगा। राज्य के जिले एवं विकासखंड स्तर पर मोबाईल हैण्डपंप सुधार यूनिट चलाकर सभी पेयजल योजनाओं को चालू रखने के उपाय किए गए हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि अभियान के दौरान गांवों में स्वच्छता और साफ-सफाई के बारे में गांववासियों को जागरूक बनाने विभिन्न शिक्षाप्रद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राज्य में पेयजल के लिए दो लाख दस हजार हैण्डपंप स्थापित किए गए हैं। पेयजल की दृष्टि से वर्ष 2009 के सर्वेक्षण के आधार पर राज्य के 19 हजार 744 गांवों के 72 हजार 321 बसाहटों में प्रत्येक में एक हैण्डपंप स्थापित कर दिए गए हैं।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्यालय 'नीर भवन' में स्थापित शिकायत केन्द्र के टोल फ्री नम्बर में अब तक दो हजार 801 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसमें से दो हजार 715 शिकायतों का निराकरण हो चुका है और 86 प्रकरणों पर कार्रवाई जारी है। शिकायत केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे अधिक 717 हैण्डपंप खराब होने की शिकायत जांजगीर-चांपा जिले से मिली है। इसमें से 711 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। छह प्रकरणों पर कार्रवाई जारी है। इसके अलावा राजनांदगांव जिले से 422, महासमुंद से 299, रायपुर जिले से 267, दुर्ग से 196, धमतरी से 107, कांकेर से 153, बस्तर (जगदलपुर) से 148, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) से 77, नारायणपुर 17, बीजापुर 13, सरगुजा से 20, जशपुर से 17, रायगढ़ 181, कोरबा 38, बिलासपुर से 86, कबीरधाम (कवर्धा) से 42 और कोरिया जिले से सबसे कम एक शिकायत प्राप्त हुआ है। इन शिकायतों में से शत-प्रतिशत शिकायतों का निराकरण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा करने की जानकारी वहां के अधिकरियों ने दी है।
क्रमांक-327/सी.एल.

