सूखा प्रभावित तहसीलों में पेयजल के लिए 25.50 करोड़ रूपए का आवंटन जारी
रायपुर 20 अप्रैल 2010
राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को 25 करोड़ 50 लाख रूपए का आबंटन जारी किया गया है। इस राशि से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल स्रोतों के खनन अथवा परिवहन के माध्यम से सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने हाल ही में यहां ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को सूखा प्रभावित तहसीलों में पेयजल की आपूर्ति के लिए तत्काल राशि जारी करने के निर्देश दिए थे।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा वास्तविक आनावारी के आधार पर छत्तीसगढ़ के नौ जिलों में पचास तहसीलों को और दुर्ग जिले में गुण्डरदेही तहसील के छत्तीस गांवों के कलस्टर को भी वास्तविक आनावारी के आधार पर सूखाग्र्रस्त घोषित किया गया है। जिन तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है, उनमें रायपुर जिले की भाटापारा, बलौदाबाजार, कसडोल और बिलाईगढ़ तहसील, दुर्ग जिले की साजा,बेमेतरा, नवागढ़, डोंडी-लोहारा, पाटन, धमधा, डोंडी, थान-खम्हरिया, दुर्ग, राजनांदगांव जिले की छुई खदान, खैरागढ़,डोंगरगढ़, राजनांदगांव,छुरिया, अम्बागढ़-चौकी, मोहला, मानपुर, डोंगरगांव तहसील और कबीरधाम जिले की कवर्धा, पण्डरिया, बोड़ला, सहसपुर-लोहारा तहसील को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है।
इसी तरह दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले की दन्तेवाड़ा, कोंटा, गीदम, कटेकल्याण, कुंआकोंडा, सुकमा, छिन्दगढ़, उत्तर बस्तर कांकेर जिले की अन्तागढ़, बिलासपुर जिले की मस्तूरी, मरवाही, लोरमी, मुंगेली, पेण्ड्ररोड, पेण्ड्रा, पथरिया, कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर, सोनहत, खड़गंवा, मनेन्द्रगढ़, भरतपुर और बीजापुर जिले की तहसील बीजापुर, भोपालपट्टनम, भैरमगढ़ और उसूर को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। राज्य शासन द्वारा इन सभी सूखाग्रस्त तहसीलों और गांवों में इस वर्ष विगत जनवरी माह में ही समस्त राजस्व वसूली स्थगित कर दी गयी है।

