पेयजल परीक्षण के लिए सभी जिलों में चलित प्रयोगशाला शुरू होगी : श्री केदार कश्यप
पी.एच.ई. विभाग के काम-काज की समीक्षा
रायपुर 22 दिसम्बर 2010

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज यहां 'नीर भवन' में विभागीय योजनाओं की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में सार्वजनिक पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए। श्री कश्यप ने विभाग की निर्माणाधीन योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने की भी सख्त हिदायत दी। उन्होंने बैठक में जिले वार स्थापित हेण्डपंपों की स्थिति और सुधार कार्यक्रम, ग्रामीण शालाओं में पेयजल व्यवस्था, दो हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में नल जल योजनाओं की स्थिति, जल गुणवत्ता प्रभावित विशेष रूप से फ्लोराईड, आर्सेनिक और आयरन प्रभावित बसाहटों में वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था जैसे विभिन्न विषयों पर अधिकारियों से बिन्दुवार जानकारी ली।
बैठक में श्री कश्यप ने कहा कि आगामी वर्ष से राज्य के सभी जिलों में पेयजल गुणवत्ता परीक्षण के लिए चलित प्रयोगशाला शुरू की जाएगी। यह प्रयोगशाला माह में पच्चीस दिन जिले के विभिन्न ग्रामों में जाकर पेयजल स्रोतों से नमूना लेकर इसका जांच करेंगे और जांच में प्राप्त रिपोर्ट का रिकार्ड रखेंगे। पानी में यदि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व पाया गया तो उस स्रोत को बंद कर दिया जाएगा और ऐसे स्थानों में जरूरत पड़ने पर टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। श्री कश्यप ने कहा कि पेयजल में हानिकारक तत्व पाए जाने वाले स्थानों में स्टाप डेम बनाकर पेयजल योजना लगाने हेतु प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। श्री कश्यप ने गौरेला, सिमगा, राजिम, आमदी, मारो, सहसपुर लोहारा, पांडातराई, सारागांव, चाम्पा-जांजगीर, चन्द्रपुर, कांकेर, जशपुर, नगरी, पखांजुर और कोतमा में जल आवर्धन योजना के लिए शीघ्र प्रस्ताव देने के निर्देश दिए। श्री कश्यप ने ग्रामीण और शहरी नल-जल एवं स्पार्ट सोर्स योजनाओं की प्रगति सहित राज्य में पेयजल के लिए स्थापित हैंडपम्पों की स्थिति के बारे में भी विस्तृत जानकारी श्री कश्यप ने विभाग में रिक्त केमिस्ट आदि के पदों सहित अनुकम्पा नियुक्ति के मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभागीय सचिव श्री आर.एस. विश्वकर्मा ने बताया कि राज्य के दो हजार से अधिक आबादी वाले सभी गांवों में नल-जल योजना लगाने का काम प्रगति पर है। इसके बाद पन्द्रह सौ की आबादी वाले गांवों में नल-जल योजना लगाने का काम शुरू किया जाएगा। बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश के सभी दो लाख हैंडपम्पों का ऑन लाईन रिकार्ड रखा जाएगा, जिसमें प्रत्येक हैंडपम्पों की गहराई, व्यास, क्षमता कहां पर स्थित है, पानी की गुणवत्ता आदि जानकारी का समावेश होगा। यह सभी जानकारियां पी.एच.ई.विभाग के वेबसाईट पर उपलब्ध रहेगा। बैठक में प्रमुख अभियंता श्री एम.ए. खान सहित राज्य भर से आए अधिकारी उपस्थित थे।

