श्री केदार कश्यप पेयजल व्यवस्था का जायजा लेने छापामार शैली में सघन दौरा करेंगे
पी.एच.ई. विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को अप्रैल-मई में अवकाश लेने पर पूर्ण प्रतिबंध
रायपुर, 30 मार्च 2011
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर स्थित कक्ष में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर गर्मी के दिनों के लिए पेयजल व्यवस्था की गहन समीक्षा की। श्री कश्यप ने अधिकारियों को गर्मी के दिनों में पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
श्री कश्यप ने कहा कि वे स्वयं अप्रैल और मई के महीने में छापामार शैली में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों का सघन दौरान करेंगे, और राज्य के किसी भी स्थान में अचानक पहुंचेंगे और यदि अवलोकन के दौरान वहां पर पेयजल व्यवस्था में किसी प्रकार की खामी पायी गयी तो संबंधित अधिकारियों के विरूध्द सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को अप्रैल एवं मई महीने में अवकाश लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है। श्री कश्यप ने गर्मी के दिनों में पेयजल व्यवस्था के लिए आवश्यक अमले की कमी नहीं होने पाए, इस बात को ध्यान में रखते हुए श्री कश्यप ने निर्णय लिया है। इस अवसर विभागीय सचिव श्री आर.एस. विश्वकर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे।
श्री कश्यप ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता सहित अधीक्षण अभियंताओं को अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में दौरा करने और पेयजल का पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। श्री कश्यप ने कहा है कि प्रदेश के सूखा ग्रस्त इलाकों में गर्मी के दिनों में पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य के जिन स्थानों में गतवर्ष गर्मी के दिनों में पेयजल की ज्यादा समस्या आयी है, उन स्थानों को चिन्हित करके पेयजल व्यवस्था की तैयारी युध्द स्तर पर किया जाए। श्री कश्यप ने बंद पड़े नल-जल योजनाओं को तुरन्त चालू करने और बिगड़े हैण्डपम्पों को सुधरवाने के निर्देश दिए है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जिन स्थानों में हैण्डपम्प तकनीशियन की कमी हो वहां तकनीशियन की भर्ती की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं। राज्य के सभी जिलों में पेयजल समस्या के निराकरण हेतु नियंत्रण कक्ष स्थापित करके वहां की दूरभाष नम्बरों की जानकारी जन-सामान्य को दिया जाए। श्री कश्यप ने अधिकारियों से नियंत्रण कक्ष में निर्धारित समय पर कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।
श्री कश्यप ने कहा कि वे स्वयं अप्रैल और मई के महीने में छापामार शैली में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों का सघन दौरान करेंगे, और राज्य के किसी भी स्थान में अचानक पहुंचेंगे और यदि अवलोकन के दौरान वहां पर पेयजल व्यवस्था में किसी प्रकार की खामी पायी गयी तो संबंधित अधिकारियों के विरूध्द सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को अप्रैल एवं मई महीने में अवकाश लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है। श्री कश्यप ने गर्मी के दिनों में पेयजल व्यवस्था के लिए आवश्यक अमले की कमी नहीं होने पाए, इस बात को ध्यान में रखते हुए श्री कश्यप ने निर्णय लिया है। इस अवसर विभागीय सचिव श्री आर.एस. विश्वकर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे।
श्री कश्यप ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता सहित अधीक्षण अभियंताओं को अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में दौरा करने और पेयजल का पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। श्री कश्यप ने कहा है कि प्रदेश के सूखा ग्रस्त इलाकों में गर्मी के दिनों में पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य के जिन स्थानों में गतवर्ष गर्मी के दिनों में पेयजल की ज्यादा समस्या आयी है, उन स्थानों को चिन्हित करके पेयजल व्यवस्था की तैयारी युध्द स्तर पर किया जाए। श्री कश्यप ने बंद पड़े नल-जल योजनाओं को तुरन्त चालू करने और बिगड़े हैण्डपम्पों को सुधरवाने के निर्देश दिए है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जिन स्थानों में हैण्डपम्प तकनीशियन की कमी हो वहां तकनीशियन की भर्ती की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं। राज्य के सभी जिलों में पेयजल समस्या के निराकरण हेतु नियंत्रण कक्ष स्थापित करके वहां की दूरभाष नम्बरों की जानकारी जन-सामान्य को दिया जाए। श्री कश्यप ने अधिकारियों से नियंत्रण कक्ष में निर्धारित समय पर कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।
क्रमांक-6785/सी.एल.

