एक एनीकट ने बदल दी किसानों की तकदीर
रायपुर 19 मई 2011
छत्तीसगढ़ में भू-जल संवर्ध्दन और पानी बचाने के लिए पुराने जल संरचनाओं के जीर्णोध्दार और नये सरंचनाओं के निर्माण के राज्य सरकार के प्रयासों के अब अच्छे परिणाम आने लगे हैं। जांजगीर-चांपा जिले की सक्ती तहसील के ग्राम मुक्ता में सोन नदी पर निर्मित मुक्ता एनीकट ने तो वहां के किसानों की तकदीर
बदल दी है। गर्मियों में हमेशा सूखी रहने वाली सोन नदी अब एनीकट के बने जाने से गर्मियों के दिनों में भी लबालब है। इससे ग्रामीणों को ना केवल निस्तारी की सुविधा हो रही बल्कि गांव के किसान गर्मियों में भी भरपूर फसल ले रहे हैं।
सोन नदी पर इस एनीकट का निर्माण मार्च 2010 में हुआ है। लगभग पौने तीन करोड़ रूपए की लागत से निर्मित इस एनीकट में गर्मियों के दिनों में भी भरपूर पानी रहता है। वहां के किसान उध्दवहन सिंचाई योजना के तहत अपने खेतों में सिंचाई करते हैं। इस एनीकट से कुल 195 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है। एनीकट के बनने से ग्राम मुक्ता के ग्रामीणों को निस्तारी और सिंचाई की सुविधा तो मिल ही रही है साथ ही इससे आसपास के क्षेत्र में भू-जल स्तर भी बढ़ा है।

