छत्तीसगढ़ के ढाई सौ साल पुराने सबसे बड़े तालाब के गहरीकरण के लिए शुरू हुआ श्रमदान
रायपुर 23 मई 2010
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के आव्हान पर छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में लगभग ढाई सौ वर्ष पुराने दलपत सागर तालाब के गहरीकरण के लिए आज वहां सामूहिक श्रमदान शुरू हुआ। प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों के साथ गैती और फावड़ा चलाकर इस ऐतिहासिक तालाब के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण के अभियान का शुभारंभ किया। श्री कश्यप ने कहा कि तालाब हमारी सामाजिक-सांस्कृतिक धरोहर हैं। भू-जल स्तर बनाए रखने में तालाबों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। शहरों और गांवों को जिन्दा रखने के लिए तालाबों को स्वच्छ और जीवित रखना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दलपत सागर तालाब अकेले जगदलपुर का नहीं बल्कि सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ का गौरव है।
उल्लेखनीय है कि करीब 360 एकड़ में फैले इस विशाल तालाब का निर्माण तत्कालीन बस्तर रियासत के काकतीय वंश के राजा दलपत देव ने वर्ष 1772 ईस्वीं में करवाया था। आज की स्थिति में भी यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा तालाब माना जाता है। लगभग 90 साल पहले वर्ष 1920 में तत्कालीन राजा रूद्रप्रताप देव ने इसका गहरीकरण करवाया था। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा पिछले साल की गर्मियों में प्रदेश में जन सहयोग से चलाए गए भू-जल संरक्षण्ा अभियान में भी इस तालाब के 150 एकड़ के क्षेत्र में गहरीकरण किया गया था। आज वहां आयोजित तालाब गहरीकरण के कार्य में जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के साथ महिला और बाल विकास मंत्री सुश्री लता उसेंडी, विधायक जगदलपुर श्री संतोष बाफना, विधायक बस्तर डॉ. सुभाऊ कश्यप, विधायक केशकाल श्री सेवकराम नेताम, विधायक चित्रकोट श्री बैदूराम कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री लच्छूराम कश्यप, उपाध्यक्ष श्री तरूण चोपड़ा तथा नगर निगम महापौर श्री किरण देव सहित अनेक पार्षदों, विभिन्न संस्थाओं और संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी श्रमदान किया। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साह के साथ श्रमदान में हिस्सा लिया। प्रभारी मंत्री श्री कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि पेयजल और निस्तार सुविधा बनाए रखने के लिए हम सबको भू-जल स्तर में गिरावट रोकने की सामूहिक कोशिश करनी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इसके लिए प्रदेश में भू-जल संरक्षण और संवर्धन का महाभियान शुरू किया है। इसकी सफलता के लिए जन-भागीदारी जरूरी है। श्री कश्यप ने कहा कि तालाब हमारी सामाजिक-सांस्कृतिक धरोहर हैं। जल संरक्षण और संवर्धन के लिए तालाबों का सुरक्षित रहना भी बहुत जरूरी है। श्री कश्यप ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इस तालाब के गहरीकरण का काम मानसून आने से पहले युध्द स्तर पर पूर्ण कर लिया जाए।
श्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री के आव्हान पर तालाबों की सेहत सुधारने के लिए बस्तर सहित राज्य के सभी जिलों में महाभियान जारी है। महापौर श्री किरण देव ने कहा कि दलपत सागर की तरह जगदलपुर के अन्य तालाबों के संरक्षण के लिए भी कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। इसके लिए एक वार्षिक कैलेण्डर बनाकर समय सारिणी तय की जाएगी, जिसमें कब और कौन-कौन से तालाबों में क्या-क्या कार्य होंगे, उसका सुस्पष्ट उल्लेख किया जाएगा।
क्रमांक 926/स्वराज्य