नक्सल हिंसा में शहीद हुए 65 पुलिस कर्मियों के परिवारों का हुआ पुनर्वास
रायपुर 01 जनवरी 2010
नक्सल हिंसा में शहीद हुए छत्तीसगढ़ पुलिस के 65 अधिकारियों-कर्मचारियों के पीड़ित परिवारों का राज्य शासन द्वारा तत्काल पुनर्वास कर उन्हें राहत पहुंचायी गयी है। एक अक्टूबर 2008 से तीस सितम्बर 2009 के मध्य अपने दायित्वों का निर्वहन करते शहीद हुए इन कर्मियों के आश्रित परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान कर उनके देय स्वत्वों का तत्काल भुगतान किया गया।
राज्य पुलिस मुख्यालय के पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) ने आज यहां बताया कि 65 शहीदों के 43 प्रकरणों में अनुकंपा नियुक्ति दी जा चुकी है और शेष 22 प्रकरणों पर कार्यवाही शीघ्र पूरी कर ली जाएगी। शहीद पुलिस कर्मियों के सभी देय स्वत्वों का भुगतान एक प्रकरण के अलावा अन्य सभी के किए जा चुके हैं। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि शहीदों के आश्रित परिवारों को विशेष बीमा की राशि दस लाख रूपए, विशेष अनुग्रह राशि पांच लाख रूपए, विशेष ग्रेच्यूटी चालीस माह के वेतन के बराबर, मृत्यु दिनांक को शहीद कर्मचारी के अर्जित अवकाश के खाते में जमा अर्जित अवकाश का नगदीकरण अधिकतम 240 दिन तक और समूह बीमा योजना का एक लाख पचास हजार रूपए प्रदान किया गया। इसी तरह परिवार कल्याण निधि में जमा और समूह बीमा योजना में जमा प्रीमियम की राशि मय ब्याज के, सामान्य भविष्य निधि/विभागीय भविष्य निधि में जमा संपूर्ण राशि मय ब्याज के, अनुग्रह अनुदान राशि छह माह का मूल वेतन के बराबर अधिकतम 25 हजार रूपए प्रदान किया गया। अशासकीय निधि के तहत पुलिस परोपकार निधि से अनुदान एक लाख रूपए और शहीद सम्मान निधि एक लाख रूपए प्रदान किया गया। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि शहीद 65 कर्मियों में से 58 के पेंशन प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है तथा शेष सात शहीदों के पेंशन प्रकरणाें का शीघ्र निराकरण कर लिया जाएगा।
राज्य पुलिस मुख्यालय के पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) ने आज यहां बताया कि 65 शहीदों के 43 प्रकरणों में अनुकंपा नियुक्ति दी जा चुकी है और शेष 22 प्रकरणों पर कार्यवाही शीघ्र पूरी कर ली जाएगी। शहीद पुलिस कर्मियों के सभी देय स्वत्वों का भुगतान एक प्रकरण के अलावा अन्य सभी के किए जा चुके हैं। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि शहीदों के आश्रित परिवारों को विशेष बीमा की राशि दस लाख रूपए, विशेष अनुग्रह राशि पांच लाख रूपए, विशेष ग्रेच्यूटी चालीस माह के वेतन के बराबर, मृत्यु दिनांक को शहीद कर्मचारी के अर्जित अवकाश के खाते में जमा अर्जित अवकाश का नगदीकरण अधिकतम 240 दिन तक और समूह बीमा योजना का एक लाख पचास हजार रूपए प्रदान किया गया। इसी तरह परिवार कल्याण निधि में जमा और समूह बीमा योजना में जमा प्रीमियम की राशि मय ब्याज के, सामान्य भविष्य निधि/विभागीय भविष्य निधि में जमा संपूर्ण राशि मय ब्याज के, अनुग्रह अनुदान राशि छह माह का मूल वेतन के बराबर अधिकतम 25 हजार रूपए प्रदान किया गया। अशासकीय निधि के तहत पुलिस परोपकार निधि से अनुदान एक लाख रूपए और शहीद सम्मान निधि एक लाख रूपए प्रदान किया गया। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि शहीद 65 कर्मियों में से 58 के पेंशन प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है तथा शेष सात शहीदों के पेंशन प्रकरणाें का शीघ्र निराकरण कर लिया जाएगा।
चन्द्राकर

