नगर सैनिकों को मिलेगी नए साल की सौगात
सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली सम्मान राशि पांच हजार से बढ़कर 80 हजार होगी
आकस्मिक मृत्यु पर अनुग्रह राशि पन्द्रह हजार से बढ़ाकर 50 हजार किया जाएगा
केन्द्रीय अशासकीय निधि एवं संयुक्त परामर्शदात्री समिति की
बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय
विभिन्न महत्वपूर्ण अवसरों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के हजारों नगर सैनिकों के लिए नए वर्ष की सौगात के रूप में नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा मुख्यालय द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उनके लिए सेवानिवृत्ति पर दी जाने वाली पांच हजार रूपए की सम्मान राशि बढ़ाकर अस्सी हजार रूपए और आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में मृतक के आश्रित परिवार को अब तक दी जा रही पन्द्रह हजार रूपए की अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 50 हजार रूपए करने का प्रस्ताव है।
नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा महानिदेशक श्री अनिल एम. नवानी की अध्यक्षता में यहां नगर सेना मुख्यालय माना में आयोजित राज्य स्तरीय केन्द्रीय अशासकीय निधि एवं संयुक्त परामर्श दात्री समिति की बैठक में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। अब इसे जिलों में नगर सेना द्वारा अपने स्वयंसेवी नगर सैनिकों का सम्मेलन आयोजित कर पारित किया जाएगा। बैठक में गंभीर बीमारी अथवा आकस्मिक दुर्घटना में घायल होने की स्थिति में नगर सैनिकों को अस्पताल में तत्काल दाखिले के लिए पांच हजार रूपए तक सहायता राशि स्वीकृत करने का अधिकार जिला सेनानियों को देने का फैसला किया गया है।राज्य में वर्तमान में छह हजार 183 नगर सैनिक कार्यरत हैं, जिन्हें इन कल्याणकारी फैसलों का लाभ मिल सकता है।
बैठक की अध्यक्षता महानिदेशक, नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा श्री अनिल एम.नवानी ने की। दिन भर चली इस महत्वपूर्ण मैराथन बैठक में नगर सैनिकों के हितों से जुड़े कुल 66 प्रस्तावों पर गहन विचार-विमर्श के बाद कई निर्णय लिए गए। बैठक में नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा मुख्यालय के सीनियर स्टॉफ आफिसर श्री राजेश पाण्डेय, कमांडेंट, प्रशिक्षण संस्थान श्री दीपक तिवारी, संभागीय सेनानी बस्तर श्री एन.के. चौरे, संभागीय सेनानी रायपुर श्री एल.पी. वर्मा और संभागीय सेनानी बिलासपुर श्री एस.के. ठाकुर सहित जिला सेनानी, कम्पनी कमांडर, अनुसचिवीय कर्मचारी, हवलदार अनुदेशक और स्वयंसेवक नगर सैनिकों सहित कुल 33 सदस्य उपस्थित थे।
बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि नगर सेना के स्वयंसेवी नगर सैनिकों को सेवानिवृत्ति और मृत्यु की दशा में सरकारी कर्मचारियों की तरह पेंशन और सामान्य भविष्य निधि आदि का लाभ नहीं मिलता। उन्हें वर्तमान में सेवानिवृत्ति पर मात्र पांच हजार रूपए की सम्मान राशि और मृत्यु की दशा में आश्रित परिवार को पन्द्रह हजार रूपए की आर्थिक सहायता केन्द्रीय कल्याण निधि से देने का प्रावधान है, जो पर्याप्त नहीं है। नगर सैनिकों द्वारा इसमें वृध्दि की आशा की जाती रही है, लेकिन कल्याण निधि कोष की वार्षिक आय सीमा में यह संभव नहीं हो पा रहा था। स्वयंसेवी नगर सैनिकों की ओर से यह मांग आयी थी कि प्रत्येक वर्ष के 31 दिन वाले माह याने कि जनवरी, मार्च, मई, जुलाई, अगस्त, अक्टूबर और दिसम्बर में उनका एक दिन का मान वेतन कल्याण निधि कोष में जमा कर लिया जाए, ताकि सेवानिवृत्ति और आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को यथा संभव अधिकतम सहायता मिल सके। इस विषय में नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा मुख्यालय द्वारा केन्द्रीय कल्याण निधि की कुल आमदनी और संभावित व्यय की गणना कर विगत 29 दिसम्बर को आयोजित समिति की बैठक में महानिदेशक के समक्ष पेश किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए महानिदेशक श्री अनिल एम. नवानी ने कहा कि यदि वर्ष के 31 दिन वाले प्रत्येक माह में एक दिन यानि एक वर्ष में सात बार राज्य के समस्त स्वयंसेवी नगर सैनिकों का एक दिन का मान-वेतन कल्याण निधि में जमा करने की सहमति प्रत्येक जिले के सैनिक सम्मेलन में पारित हो जाए तो सेवानिवृत्त होने वाले स्वयंसेवकों के लिए वर्तमान में प्रचलित पांच हजार रूपए की सम्मान राशि बढ़ाकर 80 हजार रूपए और मृत्यु की दशा में परिवार को दी जाने वाली अनुग्रह राशि पन्द्रह हजार रूपए से बढ़ाकर 50 हजार रूपए करने का आदेश मुख्यालय द्वारा जारी किया जा सकता है। इस पर बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने उनके इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए इस पर सर्वसम्मति व्यक्त की। नगर सेना की विभिन्न जिला इकाइयों से आए अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवी नगर सैनिकों ने इसके लिए महानिदेशक का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे अपने-अपने जिलों में जाकर नगर सैनिकों का सम्मेलन बुलाएंगे, जहां यह प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
नगर सेना मुख्यालय में आयोजित बैठक में वर्तमान महंगाई को ध्यान में रखकर स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों में नगर सैनिकों को मिलने वाली पौष्टिक आहार राशि 12 रूपए से बढ़ाकर 15 रूपए करने, जिले की ऋण-निधि का लाभ केवल स्वयंसेवी नगर सैनिकों तक सीमित रखने और जवानों के मनोरंजन के लिए जिला इकाइयों की वार्षिक व्यय सीमा पांच सौ रूपए से बढ़कर तीन हजार रूपए करने का भी निर्णय लिया गया। यह भी तय किया गया कि महिला नगर सैनिकों को शासकीय महिला कर्मचारियों की तरह प्रसूति अवकाश का लाभ दिलाने और स्वयंसेवी नगर सैनिकों की जिले के अंदर डयूटी करने पर यात्रा भत्ते का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाए।

