मानव अधिकार सभ्य समाज की रीढ़ : श्री पासवान
जेल प्रबंधन में मानव अधिकार विषय पर प्रशिक्षण शुरू
रायपुर 15 मई 2011

जेल प्रबंधन में मानव अधिकार विषय पर राजधानी रायपुर के नजदीक ग्राम निमोरा स्थित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण विकास संस्थान में प्रदेश के जेल अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। राज्य के जेल महानिदेशक श्री एस.के. पासवान ने प्रशिक्षण के शुभारंभ सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि मानव अधिकार किसी भी सभ्य समाज की रीढ़ है। मानव की मानव से असमानता को दूर कर ही समाज में इसका वास्तविक बीजारोपण किया जा सकता है। तीन सत्रों का प्रशिक्षण कार्यक्रम छत्तीसगढ़ जेल विभाग, मानव अधिकार आयोग और केन्द्रीय गृह मंत्रालय पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण जेल विभाग के 60 अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया जा रहा है।
केन्द्रीय गृह मंत्रालय,पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो, दिल्ली के संचालक श्री बी.पी.त्रिवेदी ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि मानव की गरिमा, स्वतंत्रता, समानता की उपलब्धता ही समग्र रूप से मानव अधिकार है और यह प्रत्येक मनुष्य को समान रूप से प्राप्त होना चाहिए। जेल अधीक्षक रायपुर डॉ. के.के. गुप्ता ने कहा कि मानव अधिकार शिक्षा का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि सीमित साधनों में कार्य कर रही जेल प्रशासनिक व्यवस्था के सामने मानव अधिकारों को पोषित करने का जो लक्ष्य आज हमारे सामने है इसका निष्पादन जेल अधिकारी बिना किसी भ्रम के कर सकेंगे। प्रशिक्षण से कौशल में वृध्दि होगी।
इस छह दिवसीय प्रशिक्षण में जेल विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को जेल प्रबंधन में मानव अधिकार को सफलतापूर्वक लागू करने की दिशा में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण नैसर्गिक सिध्दांत के प्रति जेल अधकारियों-कर्मचारियों की अभिव्यक्ति के विकास और इस सिध्दांत को प्रबंधकीय गतिविधि से जोड़ने के लिए जेल में निरूध्द बंदियों को सुधारने के उपाय, जेल अधिकारियों के तनाव प्रबंधन, जेल प्रशासन को सुधारात्मक प्रशासन के रूप में क्रियाशील बनाने आदि विषयों पर परिचर्चा आयोजित की जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को मानव अधिकार संबंधी वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की जाएगी।

