संसदीय सचिव श्री विजय बघेल द्वारा केन्द्रीय जेल रायपुर का आकस्मिक निरीक्षण
रायपुर 15 मई 2010
छत्तीसगढ़ शासन के गृह एवं जेल विभाग के संसदीय सचिव श्री विजय बघेल ने कल शाम केन्द्रीय जेल रायपुर का आकस्मिक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान श्री बघेल ने केन्द्रीय जेल में प्रस्तावित विशेष सुरक्षा जेल के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जेल में निरूध्द बंदियों के लिए भोजन सामग्री, पीने के पानी तथा उनकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। जेल अस्पताल का निरीक्षण कर बीमार कैदियों से भेंट की। जेल अधीक्षक ने संसदीय सचिव को बताया कि बैरक में किसी भी बंदी को स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ होने पर शीघ्र ही अस्पताल पहुंचाया जाता है और बीमार बंदियों को नियत समय पर दवाई खिलायी जाती है।
श्री बघेल ने केन्द्रीय जेल स्थित गौशाला में चंदनधूप, गौमूत्र अर्क तथा फिनाईल निर्माण की प्रस्तावित योजना के प्रायोगिक स्तर का अवलोकन कर संतोष व्यक्त किया। जेल में संचालित उद्योग जैसे-सिलाई, बुनाई, लोहारी, बढ़ई, आफसेट प्रिंटिंग एवं स्क्रीन प्रिंटिंग, कपड़ा सिलाई, साबुन निर्माण आदि का निरीक्षण किया और इन कार्यों में लगे बंदियों के प्रशिक्षण व्यवस्था आदि की जानकारी ली। उन्होंने जेल उद्योगों को और अधिक मितव्ययी तथा लाभोन्मुख बनाने प्रयास करने का सुझाव भी जेल अधिकारियों को दिए। जेल में कुछ समय से बंद बुनाई उद्योग और साबुन उद्योग के पुन: शुरू किए जाने पर संसदीय सचिव ने जेल प्रशासन की सराहना की। उन्होंने जेल में बर्तन उद्योग भी शुरू किए जाने का सुझाव दिया। श्री बघेल ने कहा कि अन्य राज्यों के विकसित केन्द्रीय जेलों का अध्ययन कर वहां के अच्छे कार्यों को छत्तीसगढ़ के केन्द्रीय जेलों में क्रियान्वित किया जा सकता है।
संसदीय सचिव श्री बघेल ने केन्द्रीय जेल में स्थापित जैमर की जानकारी ली और कहा कि जैमर का प्रभाव जेल परिसर में ही रहे , इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने जेल में निरूध्द निरक्षर बंदियों को अधिक से अधिक साक्षर किए जाने पर जोर दिया। निरीक्षण के अवसर पर जेल जेल अधीक्षक डॉ.गुप्ता सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

