जेल प्रहरियों को मिला सैध्दांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण
रायपुर, 06 अप्रैल 2011
छत्तीसगढ़ के जेल विभाग के मुख्य प्रहरियों को लगभग एक माह तक लगातार कवायद, शस्त्र कवायद, प्रथम उपचार, मानव अधिकार शिक्षा, जेल नियमावली, शासकीय सेवा संबंधी नियम, जेल उद्योग, सूचना का अधिकार से संबंधित ज्ञान एवं जेल में बढ़ती चुनौतियाें के परिप्रेक्ष्य में जेल प्रहरियों की भूमिका आदि का सैध्दांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण राजधानी रायपुर में दिया गया। प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न जेलों के 23 प्रहरियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन कल पांच अप्र्रैल को केन्द्रीय जेल रायपुर के सभा भवन में हुआ। समापन अवसर पर जेल महानिदेशक श्री एस.के.पासवान ने कहा कि गहन प्रशिक्षण से ही अधिकारियों-कर्मचारियों में कार्यदक्षता, निपुणता तथा अनुशासन की भावना जागृत होती है। इससे मन और शरीर भी स्वस्थ रहता है। उन्होंने कहा कि जेल प्रहरियों का जेल प्रबंधन में महत्वपूर्ण स्थान है। अत: नवीन परिवेश के अनुसार अपने कार्यव्यवहार के साथ-साथ शारीरिक-मानसिक दक्षता को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रशिक्षण अभ्यास और व्यायाम जरूरी है।
जेल महानिदेशक श्री पासवान तथा जेल महानिरीक्षक श्री भारत सिंह ने प्रशिक्षण में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले मुख्य प्रहरियों को प्रमाण पत्र वितरित कर उन्हें प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में उपस्थित केन्द्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक डॉ.के.के. गुप्ता ने प्रशिक्षण से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत कर जेल विभाग की उल्लेखनीय उपलब्धि से अवगत कराया। इस अवसर पर जेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

