नक्सलियों से निपटने राज्य और केन्द्र के सुरक्षा बल सक्षम : श्री कामथ
केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री का दंतेवाड़ा प्रवास
रायपुर, 12 अप्रैल 2011
केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री श्री गुरूदास कामथ आज सुबह दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले के ग्राम कारली स्थित केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की 111 वीं बटालियन द्वारा आयोजित सैनिक सम्मेलन में शामिल होने दंतेवाड़ा पहुंचे। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए श्री कामथ ने कहा कि नक्सलियों से मुकाबला करने के लिए राज्य सरकार की पुलिस और केन्द्रीय अर्ध्दसैनिक बलों के हमारे सभी बहादुर जवान और अधिकारी पूरी तरह से सक्षम हैं। राज्य और केन्द्र दोनों के सुरक्षा बल परस्पर समन्वय से बेहतर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में तेजी लाकर ही नक्सल समस्या को समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने नक्सल समस्या का मुकाबला करने के लिए स्थानीय जनता का सहयोग भी बहुत जरूरी बताया। इसके साथ ही हर नक्सल प्रभावित जिलों में विकास कार्यो के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 25-25 करोड़ रूपए की सहायता भी पिछले वर्ष देश के सभी नक्सल प्रभावित राज्यों को उपलब्ध करायी जा चुकी है।
केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री ने सैनिक सम्मेलन में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों से इस क्षेत्र में काम करने में आने वाली परेशानियों और कठिनाईयों की भी जानकारी ली और इन समस्याओं को जल्द-जल्द से सुलझाने का भी आश्वासन दिया। इस अवसर पर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिरीक्षक श्री पंकज कुमार, नक्सल आपरेशन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री राम निवास, बस्तर संभाग के पुलिस महानिरीक्षक श्री टी.जे.लांगकुमेर, बस्तर संभागायुक्त श्री के.श्रीनिवासुलू,कलेक्टर दंतेवाड़ा श्री ओम प्रकाश चौधरी, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा श्री अंकित गर्ग, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पी.दयानंद सहित विभिन्न पुलिस अधिकारी और सुरक्षा बलों के जवान उपस्थित रहे।
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए श्री कामथ ने कहा कि केन्द्र सरकार छत्तीसगढ़ सहित देश के सभी नक्सल प्रभावित राज्यों में वहां की सरकारों के साथ मिलकर शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। नक्सल प्रभावित जिलों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल सहित अन्य अर्ध्दसैनिक बलों की तैनाती की गयी है। श्री कामथ ने बताया कि नक्सल प्रभावित ईलाकों में स्थित पुलिस थानों के सुदृढ़ीकरण और उन्नयन के लिए भी केन्द्र सरकार द्वारा दो-दो करोड़ रूपए की सहायता दी जा रही है। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में काम कर रहे जवानों और पुलिस कर्मियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि राज्य और केन्द्र सरकार दोनों ही हर स्थिति-परिस्थिति में जवानों के साथ है और जवानों को नक्सलवाद से मुकाबला करने के लिए विकास के साथ-साथ अच्छी परिस्थितियों निर्मित करने में पूरा सहयोग करेंगी।
सम्मेलन में श्री कामथ ने केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों से उनकी समस्याओं की भी जानकारी ली। जवानों ने केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री से अर्द्वसैनिक बलों को सेना के समान वेतन देने,नक्सल क्षेत्रों में जोखिम भत्ता बढ़ाने, 15 दिन के स्थान पर 28 दिन का आकस्मिक अवकाश स्वीकृत करने के साथ-साथ रेल गाड़ियों में अर्ध्दसैनिक बलों के लिए आरक्षण कोटा निर्धारित करने की मांग की। जवानों ने दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले में मलेरिया से जवानों की मृत्यु होने पर उनके परिवार को अतिविशेष पेंशन की पात्रता देने की भी मांग की। श्री कामथ ने जवानों की सभी समस्याओं को ध्यान पूर्वक गंभीरता से सुना और इन मांग के निराकरण के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री सहित अधिकारियों सकारात्मक बातचीत करने का आश्वासन भी दिया।

