बिना ले-आऊट अनुमोदन के भूमि की बिक्री करने वाली गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों के विरूध्द होगी वैधानिक कार्रवाई
संसदीय सचिव श्री बघेल की अध्यक्षता में जांच समिति की बैठक
सहकारिता विभाग के संसदीय सचिव श्री विजय बघेल की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने निर्णय लिया है कि राजधानी रायपुर की ऐसी गृह निर्माण सहकारी संस्थाएं जिन्होंने बिना ले-आऊट का
अनुमोदन कराए कॉलोनी क्षेत्र में भू-खण्डों का विभाजन, आवंटन तथा बिक्री किए हैं, उनके उत्तरदायी पदाधिकारियों के विरूध्द वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जांच समिति ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बिना ले-आऊट अनुमोदन कराए गृह निर्माण सहकारी समितियों से भूमि का क्रय न करें।
संसदीय सचिव श्री विजय बघेल की अध्यक्षता में जांच समिति की बैठक आज यहां उनके निवास स्थित कार्यालय में आयोजित की गयी। बैठक में जांच समिति ने विभिन्न बिन्दुओं पर विचार-विमर्श कर अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने राजधानी रायपुर क्षेत्र में संचालित गृह निर्माण सहकारी समितियों के क्रिया-कलापों की जांच के लिए श्री बघेल की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया हैं। जांच समिति की आज की बैठक में समिति के सदस्य विधायक द्वय श्री देवजी भाई पटेल और श्री कुलदीप जुनेजा सहित, पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री अमृत खलखो, अपर पंजीयक श्री पी.आर. नाईक, कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में श्री तारण सिन्हा आदि संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
जांच समिति के अध्यक्ष श्री बघेल ने बताया कि नामान्तरण की कार्रवाई को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर आवेदन पत्र प्राप्त करने तथा नामान्तरण आदेश वितरित करने की विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसे एक अभियान के तौर पर कलेक्टर रायपुर के नियंत्रण एवं निर्देश के अनुसार चलाया जाएगा। गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं को संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा विकास अनुज्ञा प्रदान की जाती है, इसमें अनेक शर्तो का भी उल्लेख रहता है। शर्तो का पालन हो रहा है अथवा नहीं इसे देखने के लिए विशिष्ट उत्तरदायित्व कर्मचारियों को सौंपा जाना चाहिए। जांच समिति ने बताया कि गृह निर्माण सहकारी समितियों से भूमि और मकान खरीदने के लिए क्रेता और विक्रेता को अनापत्ति प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होती। इस आशय का परिपत्र सहकारिता विभाग तथा पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के विभागाध्यक्ष द्वारा जारी किया जाना चाहिए।

