लियेंडर पेस ने राज्यपाल से मुलाकात की लगभग दो दशक बाद फिर शुरू हुआ गोंडवाना कप राष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट:मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया शुभारंभ मंत्रिपरिषद की बैठक : छत्तीसगढ़ में गौ हत्या पर अब और अधिक कठोर कारावास हीरानार नल-जल योजना के लिए 19.42 लाख रूपए स्वीकृत ग्राम कुथुर के लिए नल-जल योजना स्वीकृत उर्दू अकादमी में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित सदस्यों का मनोनयन मुख्यमंत्री ग्राम उत्कर्ष योजना : अब तक 153.40 करोड़ की लागत के सात हजार से ज्यादा विकास कार्य पूर्ण सक्षम योजना : राज्य की 284 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिला 1.62 करोड़ रूपए का ऋण ग्राम पंचायतें अब दस लाख रूपये तक के निर्माण कार्य कर सकेंगे कमरौद स्कूल का नामकरण अहिल्या बाई त्रेतानाथ के नाम पर गलफुल्ला और चनान नदी पर बनेंगे उच्च स्तरीय पुल मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री श्री बिसेन की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री से अभनपुर नगर पंचायत के प्रतिनिधि मण्डल की मुलाकात श्री केदार कश्यप से पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री शिव चन्द्राकर ने सौजन्य मुलाकात की उपार्जन केन्द्रों में तेजी से हो रही धान की आवक श्रम मंत्री श्री साहू की अध्यक्षता में असंगठित श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल नई दिल्ली प्रवास पर आज करेंगे केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री से मुलाकात कृषि मंत्री श्री साहू ने किया खारून नदी पर एनीकट सह रपटे का भूमिपूजन राज्यपाल से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की मुख्यमंत्री के समक्ष जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन पर प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की

Personal tools
You are here: Home समाचार आवास एवं पर्यावरण स्वच्छ पर्यावरण के लिए उद्योगों में क्लीन टेक्नॉलॉजी समय की सबसे बड़ी मांग : श्री एन. बैजेन्द्र कुमार

स्वच्छ पर्यावरण के लिए उद्योगों में क्लीन टेक्नॉलॉजी समय की सबसे बड़ी मांग : श्री एन. बैजेन्द्र कुमार

What
When Oct 07, 2010
from 05:15 PM to 05:15 PM
Add event to calendar vCal
iCal

केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

 

    रायपुर, 07 अक्टूबर 2010

 स्वच्छ पर्यावरण तकनीकों पर आज यहां आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव, आवास एवं पर्यावरण् श्री एन. बैजेन्द्र कुमार ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण के लिए उद्योगों में क्लीन टेक्नॉलाजी की जरूरत आज के समय की सबसे बडी मांग है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राज्य के सभी उद्योग इस टेक्नॉलाजी को अपनाकर पर्यावरण् की रक्षा में अपना सक्रिय योगदान दें और राज्य के 3180-071010प्रदूषण मुक्त औद्योगिक विकास में सहभागी बनें। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंचलिक कार्यालय भोपाल द्वारा स्थानीय नवीन विश्राम भवन के सभा गृह में यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ के छोटे और मध्यम उद्योगों में प्रदूषण की समस्या को कम करने के लिए स्वच्छ पर्यावरणीय तकनीक अपनाने के बारे में विचार-विमर्श और मार्गदर्शन के उद्देश्य से आयोजित की गयी है। शुभारंभ सत्र में नई दिल्ली से आए केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष प्रोफेसर एस.पी. गौतम विशेष रूप से उपस्थित थे।
    कार्यशाला के शुभारंभ सत्र में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के अध्यक्ष श्री एन. बैजेन्द्र कुमार ने यह भी कहा कि प्रदूषण को भावनात्मक आधार पर नहीं बल्कि वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर समझना होगा, तभी हम उसकी प्रभावी रोकथाम कर सकेंगे। श्री बैजेन्द्र कुमार ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में औद्योगिक प्रदूषण सहित हर प्रकार के पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम के लिए हर संभव तकनीक अपनाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकार के साथ-साथ उद्योगों का संयुक्त प्रयास भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जो भी तकनीक यहां के उद्योग चाहते हैं, उन्हें राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। श्री बैजेन्द्र कुमार ने इस महत्वपूर्ण कार्यशाला के आयोजन के लिए केन्द्रीय प्रदूषण निवारण बोर्ड को धन्यवाद दिया। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के भोपाल स्थित आंचलिक कार्यालय द्वारा छत्तीसगढ़ के उद्योगपतियों और उद्योगों से जुड़े लोगों को प्रदूषण की रोकथाम और पर्यावरण संरक्षण की विभिन्न तकनीकों की जानकारी देने के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गयी है। इसके शुभारंभ सत्र में बिलासपुर स्थित पंडित सुन्दरलाल शर्मा ओपन विश्वविद्यालय के उप-कुलपति डॉ. ए.आर. चन्द्राकर, सदस्य सचिव छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल श्री पी.व्ही. नरसिंह राव और केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के भोपाल से आंचलिक अधिकारी श्री एस. सुरेश सहित सभी संबंधित अधिकारी और बड़ी संख्या में उद्योगों के मालिक और प्रतिनिधि मौजूद थे। नई दिल्ली से आए केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष प्रोफेसर एस.पी. गौतम ने शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि उद्योगपतियों को चाहिए कि वे अपने उद्योगों में क्लीन टेक्नॉलॉजी को भी उत्पादन प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग मानें और उसे अनिवार्य रूप से अपनाएं।
    कार्यशाला के प्रथम सत्र में बोर्ड के भोपाल कार्यालय से आए आंचलिक अधिकारी श्री एस.सुरेश ने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित किसी भी राज्य में हवा की गुणवत्ता में सुधार लाने में क्लीन टेक्नॉलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। उन्होंने इसे एक गंभीर विषय बताया। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के सदस्य सचिव श्री पी.व्ही. नरसिंह राव ने शुभारंभ सत्र में कहा कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ के छोटे और मध्यम श्रेणी के उद्योगों में स्वच्छ तकनीक अपनाने में विशेष रूप से मददगार साबित होगी। यहां विषय विशेषज्ञों से उन्हें इसके लिए पर्याप्त तकनीकी मार्गदर्शन मिलेगा। दो दिनों तक चलने वाली इस कार्याशाला में कई तकनीकी सत्र होंगे, जिनमें विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी दी जाएगी।
क्रमांक-3180/स्वराज्य
« May 2012 »
May
MoTuWeThFrSaSu
123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031