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औद्योगिक प्रदूषण रोकना उद्योगों की सामाजिक जिम्मेदारी : श्री मूणत

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When Feb 01, 2011
from 06:40 PM to 06:40 PM
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आवास एवं पर्यावरण मंत्री ने उद्योगों में पर्यावरण संरक्षण के नियमों के पालन का आव्हान किया

वायु प्रदूषण नियंत्रण पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

    रायपुर एक फरवरी 2011

6041-010211

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने कहा है कि औद्योगिक प्रदूषण से जन स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नुकसान की गम्भीरता को ध्यान में रखते हुए उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर गम्भीरता से अमल सुनिश्चित करना चाहिए। यह उद्योगपतियों की सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है। श्री मूणत ने उद्योगपतियों से आव्हान किया कि उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रक उपकरणों की स्थापना और उनके समुचित रख-रखाव के लिए वे स्व-प्रेरणा से आगे आएं और प्रदूषण नियंत्रण के उपाय शासकीय प्रयासों तक सीमित न रहें। श्री मूणत आज यहां नवीन विश्राम गृह में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा वायु प्रदूषण नियंत्रक उपकरणों की स्थापना और रख-रखाव के संबंध में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ कर रहे थे। कार्यशाला में प्रदेश में स्थापित स्पंज आयरन संयत्रों और ताप विद्युत संयत्रों से जुड़े उद्योगपति, इंजीनियर और पर्यावरण विशेषज्ञ शामिल हुए।
    कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री मूणत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विगत कुछ वर्षो में उद्योगों की स्थापना में तेजी आई है तथा बड़ी संख्या में स्पंज आयरन और ताप विद्युत संयत्रों की स्थापना हुई है। औद्योगिक विकास से जहां प्रदेश की आर्थिक तरक्की हुई है, वहीं पर्यावरण प्रदूषण की समस्या भी उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि उद्योग प्रदेश और आम जनता के विकास में सहभागी बनें इसके लिए यह जरूरी है कि उद्योगों की स्थापना के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के उपाय भी अपनाये जाने चाहिए। उद्योगों मे नवीन तकनीकी का उपयोग कर यह सुनिश्चित किया जा सकता है। उद्योगों को पर्यावरण प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए उद्योग महासंघों को आगे आना चाहिए और प्रदूषणमुक्त तकनीकी के इस्तेमाल पर विचार-विमर्श हेतु अपने सदस्यों के लिए इस तरह की गोष्ठियां एवं कार्यशालाएं भी आयोजित की जानी चाहिए। श्री मूणत ने कहा कि इसके साथ ही उद्योगों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए उद्योग परिसरों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाना चाहिए। यह वृक्षारोपण कागजों तक सीमित न होकर जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
    कार्यशाला में राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एन.टी.पी.सी.) के विषय विशेषज्ञों द्वारा वायु प्रदूषण नियंत्रक उपकरणों की स्थापना और रोकथाम पर कम्प्यूटर आधारित प्रस्तुतिकरण दिया गया और प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के सदस्य सचिव श्री पी.वी. नरसिंह राव सहित मण्डल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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