श्रमिकों के बच्चों को मिलेगी 5.26 लाख रूपए छात्रवृत्ति
दस जिलों के एक हजार 027 विद्यार्थियों को दी जाएगी छात्रवृत्ति
रायपुर, 02 अप्रैल 2010

छत्तीसगढ़ में विभिन्न कारखानों और व्यावसायिक संस्थानों में काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए शैक्षणिक सत्र 2009-10 में पांच लाख 26 हजार सात सौ रूपए की छात्रवृत्ति दी जाएगी। यह छात्रवृत्ति दस जिलों में श्रमिकों के एक हजार 027 पुत्र-पुत्रियों को दी जाएगी। श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाने और उनकी पढ़ाई जारी रखने के उद्देश्य से यह छात्रवृत्ति श्रम कल्याण मंडल द्वारा स्वीकृत की गयी है। छात्रवृत्ति का भुगतान आगामी 12 अप्रैल से शुरू हो रहे ग्राम सुराज अभियान के दौरान आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से किया जाएगा।
श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री अरूण चौबे ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ में कारखानों और अन्य संस्थानों में काम करने वाले मजूदरों से संबंधित कल्याणकारी गतिविधियों के संचालन के लिए राज्य श्रम कल्याण मंडल का गठन किया गया है। मंडल द्वारा श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता देने के उद्देश्य से स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति दी जाती है। शैक्षणिक सत्र 2009-10 में रायपुर जिले में कार्यरत श्रमिकों के 451 बच्चों को दो लाख 32 हजार 300 रूपए, राजनांदगांव जिले में कार्यरत श्रमिकों के 214 बच्चों को एक लाख नौ हजार 200 रूपए और दुर्ग जिले में कार्यरत श्रमिकों के 111 बच्चों को 57 हजार 400 रूपए छात्रवृत्ति दी जाएगी। रायगढ़ जिले में काम करने वाले श्रमिकों के 97 बच्चों को 48 हजार 500 रूपए, जांजगीर-चाम्पा जिले में काम करने वाले श्रमिकों के 77 बच्चों को 38 हजार 500 रूपए और बिलासपुर जिले में काम करने वाले श्रमिकों के 22 बच्चों के 11 हजार 700 रूपए छात्रवृत्ति के रूप में मिलेंगे। श्री चौबे ने बताया कि योजना के तहत धमतरी जिले में 23 श्रमिक पुत्र-पुत्रियों को 11 हजार 600 रूपए, महासमुंद जिले में 15 श्रमिक पुत्र-पुत्रियों को आठ हजार तीन सौ रूपए, कोरबा जिले में 12 श्रमिक पुत्र-पुत्रियों को छह हजार 700 रूपए और बस्तर जिले में 05 श्रमिक बच्चों को दो हजार 500 रूपए छात्रवृत्ति दी जाएगी।
श्रमिकों को विभिन्न प्रकार से लाभ पहुंचाने के लिए मंडल द्वारा कई योजनाएं संचालित की जाती हैं। इन योजनाओं और गतिविधियों के संचालन के लिए श्रमिकों से छह रूपए और नियोजक से 18 रूपए प्रति श्रमिक की दर से हर छह माह में अभिदाय लिया जाता है। नियोजकों से प्राप्त अभिदाय राशि के बराबर राशि भी राज्य शासन द्वारा श्रम विभाग के माध्यम से अनुदान के रूप में कल्याण मंडल को उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2009-10 में राज्य शासन द्वारा 36 लाख 24 हजार रूपए अनुदान राशि श्रम कल्याण मंडल को उपलब्ध कराई गयी है, जिसका उपयोग श्रमिकों के कल्याण और उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।

