श्रमिकों के समग्र विकास के लिए सरकार गंभीर : श्री साहू
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह के नेतृत्व में श्रमिकों को लाभ पहुंचाने सरकार ने लिए कई ऐतिहासिक निर्णय
नया रायपुर क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों के लिए साढ़े 28 लाख रूपए की उपकर वसूली
रायपुर 31 अगस्त 2010
श्रम मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश मजदूरों के सामाजिक-आर्थिक हितों की रक्षा करने और उन्हें अधिक से अधिक संख्या में कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के प्रति राज्य सरकार पूरी तरह गंभीरता से काम कर रही है। श्रम मंत्री ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने भविष्य निर्माता मजदूरों और अन्नदाता किसानों की पूरी चिन्ता करते हुए उनके समग्र विकास के लिए विशेष और ऐतिहासिक पहल की है। श्रमिकों के लिए एक साथ पांच नई योजनाओं की शुरूआत के साथ ही कारखानों में काम करने वाले मजदूरों के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमिक दुर्घटना बीमा योजना भी शुरू की गयी है। इस बीमा योजना के तहत प्रत्येक श्रमिक का दस-दस लाख रूपए का बीमा होगा।
श्री साहू ने आज यहां बताया कि प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद पहली बार मेहनतकश मजदूरों को उनकी मेहनत का सही दाम दिलाने के लिए न्यूनतम मूल वेतन में तिगुनी से भी अधिक वृध्दि की है। छत्तीसगढ़ में अब अकुशल मजदूरों को न्यूनतम 145 रूपए, अर्ध्दकुशल मजदूरों को 152 रूपए और कुशल मजदूरों को 162 रूपए प्रतिदिन वेतन मिल रहा है। इसके साथ ही भवन बनाने सहित अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों को विभिन्न प्रकार के लाभ दिलाने के लिए भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण अधिनियम के तहत केवल रायपुर जिले में ही अब तक तीन करोड़ सात लाख रूपए उपकर के रूप में वसूले गए हैं। इसमें से नया रायपुर क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की क्रियान्वयन एजेंसियों से अब तक 28 लाख 58 हजार रूपए उपकर के रूप में वसूले गए हैं। इस अधिनियम के तहत पूरे प्रदेश में लगभग दो सौ करोड़ रूपए उपकर के रूप में वसूले जाएंगे, जिन्हें निर्माणी श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं में खर्च किया जाएगा।
श्री साहू ने बताया कि राज्य सरकार ने नया रायपुर क्षेत्र में कार्यरत सभी श्रमिकों के लिए पंजीयन की भी योजना संचालित की है। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के द्वारा रायपुर जिले में डेढ़ हजार से अधिक श्रमिकों का पंजीयन कराया जा चुका है। इनमें से 310 से ज्यादा श्रमिक नया रायपुर क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों में काम कर रहे हैं। श्री साहू ने बताया कि नया रायपुर और अभनपुर क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों में काम करने वाले श्रमिकों की 36 अघ्ययनरत बच्चों को पढ़ाई के लिए राज्य सरकार द्वारा 24 हजार रूपए छात्रवृत्ति प्रदान की गयी है। साथ ही इस क्षेत्र में कार्यरत एक श्रमिक की दुर्घटनावश मृत्यु हो जाने पर विश्वकर्मा दुर्घटना मृत्यु पर अन्त्येिष्ट सहायता योजना के तहत पचास हजार रूपए की सहायता भी प्रदान की गयी है। इस योजना के तहत रायपुर जिले में कुल तीन श्रमिक परिवारों को एक लाख तीस हजार रूपए, भगिनी प्रसूति योजना के तहत पांच महिलाओं को पच्चीस हजार रूपए और श्रमिकों के 84 बच्चों को नौनिहाल छात्रवृत्रि योजना के तहत साठ हजार 250 रूपए की सहायता दी गयी है।
श्रम मंत्री ने बताया कि राज्य शासन द्वारा श्रमिकों के लिए संचालित राजमाता विजयाराजे सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले की दो श्रमिक किशोरियों को विवाह के लिए दस हजार रूपए की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गयी है। श्री साहू ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा अब मॉलो, सिनेमा घरों, निजी अस्पतालों में भी काम करने वाले लोगों के हितों के लिए श्रम कानूनों के तहत निरीक्षण किए जा रहे हैं। नया रायपुर क्षेत्र में श्रम विभाग द्वारा जनवरी माह से अब तक 75 निरीक्षण किए गए हैं और इस दौरान 63 अभियोजन भी दायर किए गए हैं।
श्री साहू ने बताया कि नया रायपुर क्षेत्र में न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत इस वर्ष जनवरी माह से अब तक 31 निरीक्षण किए गए हैं और श्रमिकों को न्यूनतम वेतन दिलाने के लिए अभियोजन तैयार किए गए हैं। नया रायपुर क्षेत्र में संविदा श्रमिकों को लाभान्वित करने के लिए श्रम विभाग द्वारा 17 निरीक्षण कर बारह प्रकरण दर्ज किए गए हैं। महिला श्रमिकों को भी समान कार्य के लिए पुरूषों के बराबर वेतन दिलाने के लिए किए गए निरीक्षणों में छह अभियोजन दायर किए गए हैं। बाल श्रम को रोकने के लिए श्रम विभाग द्वारा नया रायपुर क्षेत्र में किए गए निरीक्षणों के दौरान 11 प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। श्री साहू ने बताया कि नया रायपुर क्षेत्र में महिला श्रमिकों के छोटे बच्चों के लिए जल्द ही दो झुला घर स्थापित किए जाएंगे।

