आठ श्रमिक संगठनों की सात सितम्बर को प्रस्तावित सामूहिक हड़ताल अवैधानिक
औद्योगिक न्यायालय ने जारी किया स्थगन आदेश
श्रम विभाग ने श्रमिकों से हड़ताल में शामिल ना होने अपील की
रायपुर 03 सितंबर 2010
औद्योगिक न्यायालय रायपुर द्वारा इस महीने की सात तारिख को आठ श्रमिक संगठनों द्वारा प्रस्तावित सामूहिक हड़ताल को अवैधानिक घोषित कर दिया गया है। राज्य के श्रम विभाग की पहल पर श्रमिक संघ इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एटुक, टीयूसीसी, एआईसीसीटीयू एवं यूटीयूसी द्वारा प्रस्तावित इस हड़ताल के मामले में औद्योगिक न्यायालय रायपुर ने एक पक्षीय स्थगन आदेश भी जारी कर दिया है। औद्योगिक न्यायालय रायपुर द्वारा यह स्थगन आदेश छत्तीसगढ़ औद्योगिक संबंध अधिनियम 1960 की धारा 80 के प्रावधानों और टी. के. रंगराजन विरूध्द स्टेट ऑफ तमिलनाडु के मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई व्यवस्था के तहत जारी किया गया है।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ में आठ श्रमिक संगठनों द्वारा आगामी सात सितम्बर को आयेजित की जाने वाली सामूहिक हड़ताल की वैधानिकता का मामला औद्योगिक न्यायालय रायपुर को निर्णय के लिए सौंपा गया था। औद्योगिक न्यायालय रायपुर ने श्रम विभाग के आवेदन पर इस मामले की सुनवाई करते हुए अपूरणीय क्षति, सुविधा संतुलन के तत्वों को राज्य शासन के पक्ष में पाते हुए एकपक्षीय स्थगन आदेश जारी किया है। औद्योगिक न्यायालय ने संबंधित श्रमिक संगठनों को यह भी आदेशित किया है कि हड़ताल पर जाने के लिए वे किसी को ना उकसाएं और संस्थानों में पहले की तरह ही सुचारू रूप से बिना हड़ताल के कार्य संपादित करें। राज्य के श्रम विभाग ने भी श्रमिकों से सात सितम्बर को प्रस्तावित सामूहिक हड़ताल में शामिल ना होने और पूर्ववत् कार्य करते हुए राज्य में औद्योगिक शांति बनाए रखने की अपील की है।
उल्लेखनीय है कि आठ श्रमिक संगठनों द्वारा सात सितम्बर को आहूत की गई इस प्रस्तावित हड़ताल का मामला राज्य शासन के श्रम विभाग ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक संबंध अधिनियम 1960 के प्रावधानों के तहत औद्योगिक न्यायालय रायपुर को 12 अगस्त 2010 को प्रेषित किया था।

