बाल श्रम को पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प
छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय समीक्षा प्राधिकार समिति गठित
मुख्य सचिव होंगे अध्यक्ष
रायपुर 10 सितम्बर 2010
बाल श्रम की कुप्रथा को समाप्त करने का संकल्प छत्तीसगढ़ ने लिया है। राज्य सरकार ने 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को काम में लगाने पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने एक समीक्षा प्राधिकार समिति का गठन कर दिया है। प्रदेश के मुख्य सचिव इस समिति के अध्यक्ष बनाये गये हैं। राज्य समीक्षा प्राधिकार संघ के गठन संबंधी अधिसूचना श्रम विभाग द्वारा यहां मंत्रालय से इस महीने की सात तारीख को जारी कर दी गयी है। समिति में अध्यक्ष सहित नौ सदस्य नियुक्त किए गए हैं।
अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ में बाल श्रमिकों के नियोजन को समाप्त करने तथा घातक कारखानों में काम करने वाले बाल श्रमिकों के पुनर्वास और उन्हें अन्य लाभकारी योजनाओं में लगाने के उद्देश्य से राज्य समीक्षा प्राधिकार समिति गठित की गयी है। समिति में श्रम विभाग के सचिव सहित सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, केन्द्रीय कल्याण आयुक्त जबलपुर, छत्तीसगढ़ के यूनिसेफ परियोजना प्रमुख को सदस्य नियुक्त किया गया है। उप श्रमायुक्त समिति के सदस्य सचिव सह संयोजक बनाए गये हैं। इस समिति में स्वयंसेवी संस्थाओं के तीन प्रतिनिधियों के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री मोहन चोपड़ा, जागृति सेवा संस्थान रायपुर के अध्यक्ष श्री कृष्ण प्रसाद सिन्हा और सहायता महिला मंडल की अध्यक्ष सुश्री यादव को भी सदस्य बनाया गया है। सभी सदस्यों का कार्यकाल एक वर्ष निर्धारित किया गया है।
अधिसूचना के अनुसार राज्य शासन किसी भी सदस्य का कार्यकाल अधिकतम दो वर्ष के लिए बढ़ा सकता है, परंतु समिति के सदस्य कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी उत्तराधिकारी सदस्यों की नियुक्ति तक अपने पद पर बने रहेंगे। समिति के किसी भी सदस्य को राज्य शासन अवधि पूरी होने के पहले भी बिना किसी कारण बताओं सूचना पत्र के कभी भी समिति से पृथक कर सकता है। अधिसूचना के अनुसार समिति का कोई भी सदस्य लगातार दो या अधिक बैठकों में अनुपस्थित रहता है तो उसकी सदस्यता स्वयंमेव ही समाप्त मानी जाएगी। समिति बाल श्रमिक प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार बाल श्रम उन्मूलन परियोजना का पर्यवेक्षण और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्यप्रणाली स्वविवेक से तय करेगी।

