श्रमिक बस्तियों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बनेंगे सामुदायिक भवन
श्रमिकों के परिजनों के लिए आयोजित होंगे नि:शुल्क नेत्र शिविर
नियोजकों व श्रमिकों द्वारा दी जाने वाली अंशदान राशि में बढ़ोतरी
श्रम कल्याण मण्डल के संचालक बोर्ड की बैठक में लिए गए कई अहम फैसले
रायपुर 18 अप्रैल 2011
छत्तीसगढ़ के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में काम कर रहे श्रमिकों के सामाजिक हितों को ध्यान में रखते हुए श्रमिक बाहुल्य बस्तियों में सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया जाएगा। श्रमिकों और उनके परिजनों के लिए नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन होगा। छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मण्डल के अध्यक्ष श्री अरूण चौबे की अध्यक्षता में आज यहां नवीन विश्राम गृह में मण्डल के संचालक बोर्ड की तीसरी बैठक संपन्न हुई। बैठक में मण्डल के दायरे में आने वाले श्रमिकों के आर्थिक और सामाजिक कल्याण के कई अहम फैसले लिए गए। 
अध्यक्ष श्री अरूण चौबे ने बैठक में बताया कि श्रम कल्याण मण्डल द्वारा श्रमिकों को विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक अवसरों के लिए वर्ष 2011-12 में रायपुर, दुर्ग, रायगढ़, राजनांदगांव और राजिम (रायपुर) में एक-एक सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा। ये सामुदायिक भवन 20-20 लाख रूपए की लागत से निर्मित किए जाएंगे। इन भवनों के निर्माण से श्रमिक इनका उपयोग विवाह और अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक अवसरों पर कर सकेंगे। शेष अवधि में इन भवनों में श्रम कल्याण केन्द्रों का संचालन किया जाएगा जहां श्रमिकों की पत्नियां और बच्चें कम्प्यूटर और अन्य व्यवसायिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। संचालक मण्डल की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में मण्डल द्वारा श्रमिकों और उनके माता-पिता, पत्नी और बच्चों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविरों के अलावा नि:शुल्क नेत्र परीक्षण शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में मण्डल द्वारा जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क चश्में व दवाईयां उपलब्ध करायी जाएंगी। संचालक मण्डल ने वर्तमान में श्रमिकों व नियोजकों से प्राप्त होने वाली अंशदान की राशि में भी बढ़ोतरी की है। जिसके अनुसार अब प्रति छह माह में श्रमिकों से छह रूपए के स्थान पर 15 रूपए अंशदान लिया जाएगा। इसी तरह नियोजकों से ली जाने वाली अंशदान की राशि 18 रूपए से बढ़ाकर 45 रूपए तथा औद्योगिक संस्थान का न्यूनतम अंशदान पांच सौ रूपए से बढ़ाकर एक हजार पांच सौ रूपए कर दिया गया है। यह अनुमोदित राशि एक जनवरी 2011 से प्रभावशील की गई है। संचालक मण्डल ने यह भी निर्णय लिया कि जिस तरह अविभाजित मध्यप्रदेश में मण्डल के कर्मचारियों की भविष्य निधि अंशदान में कर्मचारियों के अंशदान के बराबर मण्डल द्वारा भी अंशदान जमा कराया जाता रहा है। उसी तरह यहां के कर्मचारियों के अंशदान के बराबर मण्डल भी अंशदान राशि जमा कराएगा। इसके लिए आवश्यक प्रस्ताव परीक्षण हेतु आयुक्त कर्मचारी भविष्य निधि के पास भेजा जाए।
श्रम कल्याण मण्डल के आयुक्त श्री राजेश श्रीवास्तव ने बोर्ड की बैठक में छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मण्डल निधि नियम 1984 के नियम 15 में संशोधन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जिसके अनुसार नगद भुगतान हेतु रशि 250 रूपए से बढ़ाकर पांच हजार रूपए किया गया तथा पांच हजार रूपए से अधिक की राशि का भुगतान कल्याण आयुक्त द्वारा जारी चेक से करने का निर्णय लिया गया। संचालक मण्डल में नियोजक के एक रिक्त स्थान में छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी के सदस्य को शामिल करने का निर्णय लिया गया। बैठक में मण्डल के उपाध्यक्ष श्री ज्ञानेन्द्र मौर्य, श्रमिक व विभिन्न नियोजकों के प्रतिनिधियों सहित श्रम विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

