भवन और अन्य निर्माण कार्यों में लगे 70 हजार मजदूर पंजीकृत
पच्चीस हजार पंजीकृत मजदूरों को मिला विभिन्न योजनाओं का लाभ
रायपुर, 30 अप्रैल 2011
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ में भवन निर्माण और उससे जुड़ी 42 विभिन्न गतिविधियों में कार्यरत असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और उनके परिवार जनों को छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा संचालित बारह विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित किया जा रहा है। मजदूरों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके इसके लिए मण्डल द्वारा उनका पंजीयन किया जा रहा है। प्रदेश में अभी तक करीब 70 हजार मजदूर का पंजीयन किया गया है और 25 हजार से अधिक मजदूरों और उनके परिवार के सदस्यों को इन योजनाओं के तहत लाभान्वित किया गया है। 
श्रम मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने आज यहां बताया कि श्रम विभाग द्वारा प्रदेश में भवन निर्माण के साथ पत्थर तोड़ने वाले, लोहार, लकड़ी चीरने वाले, सड़क बनाने वाले आदि 42 विभिन्न श्रेणियों के मजदूरों का पंजीयन कर उन्हें बारह विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित किया जा रहा है। श्री साहू ने बताया कि पंजीकृत श्रमिकों के मेधावी बच्चों को कक्षा पहली से स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई के लिए पांच सौ रूपए से लेकर पांच हजार रूपए की छात्रवृति दी जा रही है। अभी तक 376 छात्रों को दो लाख 60 हजार रूपए की छात्रवृत्ति मण्डल द्वारा प्रदान की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में संचालित बालश्रम शालाओं में अध्ययनरत 13 हजार 468 बच्चों को मण्डल द्वारा नि:शुल्क गणवेश, टाई-बेल्ट, जूता-मोजा और स्कूल बैग दिया गया है। इसी तरह पंजीकृत महिला श्रमिक को प्रसूति अवकाश के दौरान उन्हे पांच हजार रूपए की सहायता के अलावा पुरूष श्रमिकों को भी पत्नी के प्रसूति के दौरान दो हजार रूपए पितृत्व सहायता दी जा रही है। इसके तहत अभी तक 22 हितग्राहियों को एक लाख पांच हजार रूपए की सहायता दी गयी है।
श्री साहू ने बताया कि 18 से 35 आयु वर्ग की महिला कामगारों को अपने घर से कार्य स्थल तक जाने में होने वाली परेशानियों से छुटकारा दिलाते हुए मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत नि:शुल्क सायकलें प्र्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत राज्य में प्रतिवर्ष दस हजार महिलाओं को सायकल दिए जाने का निर्णय लिया गया है। अभी तक एक हजार महिला श्रमिकों को सायकलों का वितरण किया जा चुका है। इसी तरह महिला श्रमिकों को बरसात के दिनों में जब वे काम पर नही जा पाती तो उन्हें रोजगार उपलब्ध हो सके इसके लिए उन्हें नि:शुल्क सिलाई मशीन भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री सिलाई सहायता योजना के तहत भी प्रतिवर्ष दस हजार महिला श्रमिकों को सिलाई मशीन वितरित की जाएगी। अभी तक छह सौ महिला कामगारों को सिलाई मशीन दी गई है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यो से जुड़े श्रमिकों को अपनी पुत्रियों या महिला श्रमिकों के विवाह के लिए पांच हजार रूपए की सहायता दी जा रही है इसके तहत अभी तक 9 कन्याओं को 45 हजार रूपए दिए गए है। उन्होंने बताया कि 750 पंजीकृत श्रमिकों को विभिन्न टे्रडो के नि:शुल्क औजार किट भी उपलब्ध कराया गया है। मण्डल द्वारा गरीबी रेखा से ऊपर के एक हजार 701 श्रमिकों को पत्नी और तीन बच्चों सहित प्रतिवर्ष तीस हजार रूपए की चिकित्सा सुविधा हेतु स्मार्ट कार्ड प्रदान किए गए है। पंजीकृत मजदूर के कार्य के दौरान दुर्घटना में मृत्यु होने पर एक लाख रूपए और सामान्य मृत्यु पर 25 हजार रूपए की अनुग्रह राशि के साथ ही अंत्येष्टि के लिए उनके परिवारजनों को पांच हजार रूपए की तात्कालिक सहायता राशि भी प्रदान करने का प्रावधान किया गया है जिसके तहत 6 दिवंगत मजदूरों के आश्रित परिवारजनों को तीन लाख तीस हजार रूपए की अनुग्रह राशि दी गयी है। श्रम मंत्री ने बताया कि पंजीयन के लिए मजदूरों की आयु 18 वर्ष से कम और 60 वर्ष से अधिक नही होनी चाहिए। पंजीयन के लिए आवेदक को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन अपनी तीन फोटो और दस रूपए नगद शुल्क के साथ निकट के श्रम कार्यालय में जमा करना होता है। आवेदन के साथ आवेदक को आयु का प्रमाण पत्र और एक वर्ष में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य में संलग्न रहने का प्रमाण पत्र संबंधित नियोजक, पंजीकृत निर्माणी क्षेत्र के व्यवसाय संघ अथवा श्रम निरीक्षक द्वारा सत्यापित कराकर जमा करना होता है।

