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श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति सजग और संवेदनशील रहे प्रबंधन : श्रममंत्री श्री साहू

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When Apr 04, 2011
from 04:20 PM to 04:20 PM
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शून्य दुर्घटना वाले औद्योगिक संस्थान होंगे पुरस्कृत

राज्य स्तरीय औद्योगिक सुरक्षा सम्मेलन में श्रम मंत्री ने कहा

    रायपुर 04 अप्रैल 2011

54-040411

श्रम मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ की औद्योगिक इकाईयों में काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति प्रबंधन को हमेशा सजग और संवेदनशील रहना चाहिए। जोखिम भरे कामों को कुशल और प्रशिक्षित श्रमिकों से ही कराया जाए। प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रममंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू आज यहां नवीन विश्राम भवन में आयोजित 40वां राज्य स्तरीय औद्योगिक सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री अरूण चौबे तथा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री मोहन एंटी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस चार मार्च से चार अप्रैल तक प्रदेश की औद्योगिक इकाईयों में सुरक्षा माह का आयोजन भी किया गया। इसका भी आज औपचारिक समापन किया गया।
      श्रम मंत्री श्री साहू ने प्रदेशवासियों को हिन्दू नववर्ष चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए इस मौके पर उपस्थित औद्योगिक इकाईयों के मालिकों से यह संकल्प लेने का आव्हान किया कि संस्थान में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम सुनिश्चित हो ताकि कोई भी व्यक्ति जब काम में आए तो उसके परिवार वालों को उसके सकुशल घर वापसी की चिंता नही सतानी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रबंधकों से न केवल संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा बल्कि उस संस्थान के आस-पास रहने वाले लोगों को भी प्रर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने को कहा। श्री साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों की तुलना में औद्योगिक इकाईयों बहुत कम है, परंतु औद्योगिक दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या ज्यादा है। इससे यह प्रदर्शित होता है कि सुरक्षा को लेकर कहीं न कहीं चूक हो रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी बड़ी दुर्घटना एक छोटी सी भूल से होती है। औद्योगिक संस्थान के मालिकों के साथ-साथ वहॉ काम कर रहे श्रमिकों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक और सतर्क  रहने की जरूरत है। श्री साहू ने बताया कि राज्य सरकार श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति गंभीर है और इस वर्ष के बजट में कोरबा और राजनांदगांव जिलों में औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के उप संचालक के दो पद तथा सहायक संचालक के आठ नए पदों का प्रावधान किया गया है जिससे श्रमिकों की सुरक्षा की निगरानी और बेहतर ढंग से हो सकेगी। श्री साहू ने इस अवसर पर घोषणा भी की कि प्रदेश में शून्य औद्योगिक दुर्घटना वाले संस्थानों को राज्य सरकार द्वारा पुरस्कृत भी किया जाएगा।
    श्रम विभाग के सचिव सह आयुक्त श्री आर. सी. सिन्हा ने औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सम्मेलन के आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी संस्थान में सुरक्षा प्रबंधन, मशीन और श्रमिकों के स्तर पर सुनिश्चित होनी चाहिए। इनमें से किसी भी स्तर में कमी या छोटी सी चूक होने से बड़े घातक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने भोपाल और चेरनोविल गैस त्रासदी का उदाहरण देते हुए बताया कि इतिहास की इन बड़ी औद्योगिक दुर्घटनाओं के पीछे भी छोटी-छोटी सी गलतियां थी, जिसका परिणाम आज तक लोगों को भुगतना पड़ रहा है। श्री सिन्हा ने औद्योगिक संस्थानों में सुरक्षा की नियमित मॉनिटरिंग, श्रमिकों का प्रशिक्षण और मशीनों का आवश्यक रख-रखाव करने को कहा, जिससे होने वाली दुर्घटनाओं को टाला जा सके।
    सम्मेलन के दूसरे सत्र में कारखाना सलाह-सेवा और श्रम संस्थान मुम्बई के निदेशक चिकित्सक डॉ. एस. एस. बाघे औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी उद्योग में सुरक्षा और उत्पादन का सीधा संबंध होता है। अर्थात जितनी अधिक सुरक्षा होगी उतना ही अधिक उत्पादन होगा। श्री के. के. द्विवेदी ने औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के संबंध में विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। भिलाई इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्राचार्य डॉ. पीयूष पाण्डेय ने भोपाल गैस हादसे पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया। शारदा एनर्जी एण्ड मिनरल्स लिमिटेड रायपुर के श्री अमित मिश्रा, बालको के श्री अविनाश कुमार और भिलाई स्टील प्लांट के श्री आर. एस. यादव ने राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। इस सम्मेलन में प्रदेश के सार्वजनिक और निजी उद्योग के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के अंत में औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के संबंध में नुक्कड़ नाटक 'औद्योगिक शोले' का प्रदर्शन भी किया गया। 

क्र्रमांक-54/पवन

 

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