नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना :श्रमिकों के मेधावी बच्चों को मिली 2.60 लाख रूपए की छात्रवृत्ति
रायपुर, 04 मई 2011
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेष में असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे मेहनतकष श्रमवीरों के बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने उन्हें छात्रवृत्ति दी जा रही है। राज्य शासन के श्रम विभाग के अंतर्गत गठित भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा भवन निर्माण और उससे जुड़ी 42 विभिन्न गतिविधियों में कार्यरत श्रमिकों के अध्ययनरत बच्चों के लिए पिछले वर्ष से नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के तहत अब तक श्रमिकों के 376 पुत्र-पुत्रियों को दो लाख 60 हजार रूपए की छात्रवृत्ति प्रदान की गयी है।
श्रम मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने आज यहां बताया कि भवन और अन्य निर्माण गतिविधियों से जुड़े असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा पिछले साल से नौनिहाल छात्रवृति योजना की शुरूआत की गयी है। इस योजना के तहत भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में पंजीकृत श्रमिक परिवारों की दो मेधावी संतानों को पहली कक्षा से स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। इसमें पहली कक्षा से चौथी कक्षा में अध्ययनरत सभी बच्चों को तथा पांचवी कक्षा और उससे उपर की परीक्षाओं में प्रथम श्रेणी के अंक प्राप्त कर उत्तीर्ण छात्रों को छात्रवृत्ति दी जा रही है। व्यवसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा में अहर्ता प्राप्त कर उस पाठयक्रम में प्रवेश लेने वाले छात्रों को भी इसका लाभ मिलता है। उन्होंने बताया कि यांत्रिकी, चिकित्सा और अन्य पाठयक्रमों में प्रवेश के बाद छात्रवृत्ति के लिए न्यूनतम एक वर्ष के अध्ययन की अनिवार्यता है। बीच सत्र में अध्ययन रोक देने पर छात्रवृत्ति वापस जमा करनी पडेग़ी। श्री साहू ने बताया कि यदि कोई छात्र किसी अन्य शासकीय विभाग या संस्था की किसी योजना के तहत छात्रवृत्ति प्राप्त करने की पात्रता रखता है तो वह अपने लिए लाभदायक योजना का चुनाव कर सकता है, परंतु वह एक साथ वह दो योजनाओं का लाभ नही ले सकता।
उन्होंने बताया कि नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत पहली कक्षा से पांचवी कक्षा तक के छात्रों को पांच सौ रूपए और छात्राओं को सात सौ पचास रूपए छात्रवृत्ति प्रति वर्ष प्रदान की जाती है। इसी तरह कक्षा छठवी से आठवीं तक के छात्रों को सात सौ पचास रूपए और छात्राओं को एक हजार रूपए छात्रवृत्ति दी जाती है। कक्षा नवमी से बारहवीं में अध्ययनरत छात्रों को एक हजार रूपए और छात्राओं को एक हजार पांच सौ रूपए तथा स्नातक की कक्षाओं में अध्ययनरत छात्रों को एक हजार पांच सौ रूपए और छात्राओं को दो हजार पांच सौ रूपए की छात्रवृत्ति का प्रावधान है। श्रम मंत्री ने बताया कि स्नातकोत्तर कक्षाओं के लिए छात्रों को दो हजार पांच सौ रूपए और छात्राओं को तीन हजार रूपए की छात्रवृत्ति दी जाती है। स्नातक स्तर के व्यावसायिक पाठयक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को तीन हजार रूपए और छात्राओं को चार हजार रूपए तथा स्नातकोत्तर स्तर के व्यावसायिक पाठयक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को चार हजार रूपए और छात्राओं को पांच हजार रूपए वार्षिक छात्रवृत्ति मिलती है।

