महिला श्रमिकों को प्रसूति अवकाश के दौरान 2.18 लाख रूपए की मिली मदद
भगिनी प्रसूति सहायता योजना
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भवन और उससे जुड़ी अन्य निर्माण गतिविधियों में काम कर रही महिला श्रमिकों को उनके प्रसूति अवकाश के दौरान आर्थिक मदद दी जा रही है। साथ ही पुरूष श्रमिकों को भी पत्नि के प्रसूति के दौरान मदद के लिए पितृत्व सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके लिए पिछले साल शुरू की गयी भगिनी प्रसूति सहायता योजना के तहत महिला और पुरूष श्रमिकों को अब तक दो लाख 18 हजार रूपए की आर्थिक मदद दी गयी है। इस योजना के तहत महिला श्रमिकों को उनके प्रसूति अवकाश के दौरान पांच हजार रूपये और पुरूष श्रमिकों को दो हजार रूपये पितृत्व सहायता दी जाती है।
श्रम मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशानुरूप प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे श्रमिकों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सुदृढ़ करने अनेक योजनाएं प्रारंभ की गयी है। श्रम विभाग के अंतर्गत गठित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल द्वारा भवन निर्माण सहित 42 विभिन्न निर्माण गतिविधियों में संलग्न महिला श्रमिकों को उनके प्रसूति अवकाश में रहने पर उन्हें आर्थिक मदद प्रदान करने भगिनी प्रसूति सहायता योजना का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पंजीकृत महिला श्रमिकों को छह सप्ताह के प्रसूति अवकाश पर पांच हजार रूपए और पुरूष श्रमिकों को उनकी पत्नी के प्रसूति लाभ के दौरान दो सप्ताह के पितृत्व अवकाश पर दो हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह सहायता दो बार के प्रसव के लिए दी जाती है। इस योजना से लाभ लेने के लिए महिला अथवा पुरूष श्रमिकों का भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में पंजीयन होना आवश्यक है।

