श्रमिकों को किफायती दर पर मिलेंगे मकान
श्रमिकों को किफायती दर पर मिलेंगे मकान
श्रमिक बहुल बस्तियों में बनेंगे विश्वकर्मा नगर
बाल श्रम शालाओं के बच्चों को गणवेश के साथ स्वेटर भी
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल की बैठक में कई अहम फैसले
रायपुर, 09 मई 2011
छत्तीसगढ़ में भवन निर्माण और उससे जुड़ी 42 विभिन्न निर्माण गतिविधियों में काम कर रहे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को अब किफायती दर पर मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक जिले में श्रमिक बहुल बस्तियों में विश्वकर्मा नगर बनाए जाएंगे। साथ ही श्रमिकों को विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उपयोग के लिए विश्वकर्मा सामुदायिक भवनों का निर्माण भी कराया जाएगा। राज्य में संचालित बाल श्रम शालाओं में अध्ययनरत बच्चों को अब गणवेश, जूता-मोजा और
स्कूल बैग के साथ नि:शुल्क स्वेटर भी प्रदान की जाएगी। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अध्यक्ष श्री मोहन एंटी की अध्यक्षता में आज यहां नवीन विश्राम भवन में आयोजित मण्डल की आठवीं बैठक में श्रमिकों के कल्याण के लिए कई अहम फैसले लिए गए। इस अवसर पर राज्य शासन के श्रम विभाग के सचिव श्री आर.सी. सिन्हा भी मौजूद थे।
मण्डल की बैठक में अध्यक्ष श्री मोहन एंटी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशानुरूप प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे श्रमिकों और उनके परिवारों के आर्थिक-सामाजिक कल्याण के लिए मण्डल द्वारा बारह विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। श्रमिकों को इन योजनाओं का लाभ दिलाने उनका पंजीयन भी किया जा रहा है। प्रदेश में अभी तक 70 हजार से अधिक मजदूरों का पंजीयन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मण्डल द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए और भी योजनाएं प्रारंभ की जाएगी। जिसके तहत आने वाले दिनों में मण्डल द्वारा निर्माण कार्यो से जुड़े श्रमिकों को सस्ते दरों पर आवास उपलब्ध कराने छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मण्डल के सहयोग से प्रत्येक जिले में विश्वकर्मा नगर बसाए जाएंगे। जहां ढाई-ढाई लाख रूपए की लागत के मकान बनाए जाएंगे। इन मकानों के लिए पंजीकृत श्रमिकों को पचास हजार रूपए मण्डल द्वारा तथा एक लाख रूपए राज्य शासन द्वारा अनुदान दिया जाएगा। वहीं शेष एक लाख रूपए श्रमिकों को बैंको के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के श्रमिक बहुल बस्तियों में पचास-पचास लाख रूपए की लागत से विश्वकर्मा सामुदायिक भवनों का निर्माण भी कराया जाएगा। जिनका उपयोग श्रमिक विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक अवसरों पर कर सकेंगे साथ ही यहां इनके लिए विभिन्न रोजगारमूलक प्रशिक्षण भी आयोजित किए जा सकेंगे। श्री एंटी ने बताया कि मण्डल द्वारा पंजीकृत कुम्हारों को बेयरिंग युक्त चाक प्रदान करने की योजना भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। राज्य में संचालित 257 बाल श्रम शालाओं में अध्ययनरत 13 हजार 468 बच्चों को पिछले वर्ष से प्रारंभ की गई बाल श्रम शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत नि:शुल्क गणवेश, जूता-मोजा, टाई-बेल्ट और स्कूल बैग उपलब्ध कराया जा रहा है। मण्डल की बैठक में अब इन बच्चों को उपरोक्त सामग्रियों के अलावा स्वेटर भी प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
श्रम विभाग के सचिव श्री आर. सी. सिन्हा ने बैठक में उपस्थित सभी श्रम पदाधिकारियों को भवन निर्माण गतिविधियों से जुड़े श्रमिकों के पंजीयन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं उन्होंने पंजीकृत श्रमिकों को मण्डल द्वारा संचालित योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाना सुनिश्चित करने को कहा है। श्री सिन्हा ने बाल श्रम शालाओं के बच्चों को दी जाने वाली सामग्रियों में एकरूपता और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने राज्य स्तर पर एक मानिटरिंग समिति गठित करने को कहा है। श्रमिकों के पंजीयन का कार्य तेजी से हो सके इसके लिए उन्होंने श्रम कार्यालयों में अतिरिक्त कम्प्यूटरों और कम्प्यूटर आपरेटरों की व्यवस्था करने को कहा है। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल की सचिव श्रीमती सविता मिश्रा ने मण्डल के वर्ष 2009-10 और वर्ष 2010-11 के आय-व्यय के साथ वित्तीय वर्ष 2011-12 के लिए 23 करोड़ 37 लाख रूपए का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया जिसे बोर्ड द्वारा पारित किया गया। बैठक में मण्डल के सदस्यों सहित श्रमिक संघों के प्रतिनिधि और जिलों से आए श्रम पदाधिकारी उपस्थित थे।
स्कूल बैग के साथ नि:शुल्क स्वेटर भी प्रदान की जाएगी। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अध्यक्ष श्री मोहन एंटी की अध्यक्षता में आज यहां नवीन विश्राम भवन में आयोजित मण्डल की आठवीं बैठक में श्रमिकों के कल्याण के लिए कई अहम फैसले लिए गए। इस अवसर पर राज्य शासन के श्रम विभाग के सचिव श्री आर.सी. सिन्हा भी मौजूद थे।मण्डल की बैठक में अध्यक्ष श्री मोहन एंटी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशानुरूप प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे श्रमिकों और उनके परिवारों के आर्थिक-सामाजिक कल्याण के लिए मण्डल द्वारा बारह विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। श्रमिकों को इन योजनाओं का लाभ दिलाने उनका पंजीयन भी किया जा रहा है। प्रदेश में अभी तक 70 हजार से अधिक मजदूरों का पंजीयन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मण्डल द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए और भी योजनाएं प्रारंभ की जाएगी। जिसके तहत आने वाले दिनों में मण्डल द्वारा निर्माण कार्यो से जुड़े श्रमिकों को सस्ते दरों पर आवास उपलब्ध कराने छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मण्डल के सहयोग से प्रत्येक जिले में विश्वकर्मा नगर बसाए जाएंगे। जहां ढाई-ढाई लाख रूपए की लागत के मकान बनाए जाएंगे। इन मकानों के लिए पंजीकृत श्रमिकों को पचास हजार रूपए मण्डल द्वारा तथा एक लाख रूपए राज्य शासन द्वारा अनुदान दिया जाएगा। वहीं शेष एक लाख रूपए श्रमिकों को बैंको के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के श्रमिक बहुल बस्तियों में पचास-पचास लाख रूपए की लागत से विश्वकर्मा सामुदायिक भवनों का निर्माण भी कराया जाएगा। जिनका उपयोग श्रमिक विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक अवसरों पर कर सकेंगे साथ ही यहां इनके लिए विभिन्न रोजगारमूलक प्रशिक्षण भी आयोजित किए जा सकेंगे। श्री एंटी ने बताया कि मण्डल द्वारा पंजीकृत कुम्हारों को बेयरिंग युक्त चाक प्रदान करने की योजना भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी। राज्य में संचालित 257 बाल श्रम शालाओं में अध्ययनरत 13 हजार 468 बच्चों को पिछले वर्ष से प्रारंभ की गई बाल श्रम शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत नि:शुल्क गणवेश, जूता-मोजा, टाई-बेल्ट और स्कूल बैग उपलब्ध कराया जा रहा है। मण्डल की बैठक में अब इन बच्चों को उपरोक्त सामग्रियों के अलावा स्वेटर भी प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
श्रम विभाग के सचिव श्री आर. सी. सिन्हा ने बैठक में उपस्थित सभी श्रम पदाधिकारियों को भवन निर्माण गतिविधियों से जुड़े श्रमिकों के पंजीयन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं उन्होंने पंजीकृत श्रमिकों को मण्डल द्वारा संचालित योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाना सुनिश्चित करने को कहा है। श्री सिन्हा ने बाल श्रम शालाओं के बच्चों को दी जाने वाली सामग्रियों में एकरूपता और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने राज्य स्तर पर एक मानिटरिंग समिति गठित करने को कहा है। श्रमिकों के पंजीयन का कार्य तेजी से हो सके इसके लिए उन्होंने श्रम कार्यालयों में अतिरिक्त कम्प्यूटरों और कम्प्यूटर आपरेटरों की व्यवस्था करने को कहा है। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल की सचिव श्रीमती सविता मिश्रा ने मण्डल के वर्ष 2009-10 और वर्ष 2010-11 के आय-व्यय के साथ वित्तीय वर्ष 2011-12 के लिए 23 करोड़ 37 लाख रूपए का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया जिसे बोर्ड द्वारा पारित किया गया। बैठक में मण्डल के सदस्यों सहित श्रमिक संघों के प्रतिनिधि और जिलों से आए श्रम पदाधिकारी उपस्थित थे।
क्रमांक-660/पवन

