कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा भवन निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से पंजीयन कराने की अपील
दुर्घटना मृत्यु पर एक लाख रूपए की राशि का प्रावधान
रायपुर 18 मई 2010
छत्तीसगढ़ में भवन निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके परिजनों को एक लाख रूपए की सहायता राशि दी जाएगी। यह राशि शासकीय और निजी दोनों प्रकार के भवनों के निर्माण में लगे श्रमिकों के परिजनों को मिलेगी। इसके लिए श्रमिकों को श्रम विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में अपना पंजीयन कराना होगा। श्रम विभाग के अन्तर्गत गठित संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा भवन निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को श्रम विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में अपना पंजीयन कराने की अपील की गई है। श्रमिकों द्वारा पंजीयन कराने पर उन्हें मंडल द्वारा श्रमिकों के लिए संचालित अन्य योजनाओं का लाभ मिलेगा।
संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए सामूहिक विवाह योजना, प्रसूति सहायता, छात्रवृति योजना, अंत्येष्ठि अनुग्रह दिए जाने की योजना भी संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि पंजीकृत श्रमिकों द्वारा आवेदन किए जाने पर उन्हें सामूहिक विवाह योजना के तहत दस हजार रूपए, प्रसूति सहायता के तहत पांच हजार रूपए, अंत्येष्ठि के लिए पांच हजार रूपए की राशि दी जाती है। इसके अलावा मंडल द्वारा श्रमिकों के बच्चों के लिए छात्रवृति योजना भी संचालित की जा रही है। इसमें अलग-अलग कक्षाओं में पांच सौ रूपए से लेकर चार हजार रूपए तक की छात्रवृति दी जाती है। कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा श्रमिकों के लिए छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा,जांजगीर-चांपा, रायगढ़ और राजनांदगांव में एम्बुलेंस सेवा संचालित की जा रही है। किसी भी भवन निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के किसी दुर्घटना का शिकार होने पर इन जिलों के श्रम कार्यालय से एम्बुलेंस की सेवाएं ली जा सकती है। मंडल द्वारा श्रमिकाें के लिए समूह बीमा योजना, परिवार पेंशन, मकान ऋण और औजार खरीदने के लिए ऋण देने की योजना भी बनाई जा रही है। इन योजनाओं का लाभ पंजीकृत श्रमिकों को मिलेगा।
संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा विभिन्न श्रमिक संगठनों से भी श्रमिकों का पंजीयन कराने की अपील की गई है। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक निर्माण कार्य की लागत का एक प्रतिशत राशि उपकर के रूप में जमा किया जाना अनिवार्य है। इस राशि का उपयोग श्रमिकों के कल्याण के लिए किया जाता है। उन्होंने नियोजकों से कहा है कि वे निर्माण कार्य के लागत का एक प्रतिशत अनिवार्य रूप से जमा करें। राशि जमा नहीं करने पर दण्ड का प्रावधान है। इसके साथ ही उपकर की बकाया राशि दो प्रतिशत ब्याज के साथ राजस्व वसूली की भांति वसूल किए जाने का प्रावधान भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार अधिनियम में है।

