बीड़ी श्रमिकों के लिए बनाए गए 368 मकान
राजनांदगांव, डोंगरगढ़ व रायगढ़ में 420 मकानों के लिए 1.68 करोड़ रूपए आवंटित
रायपुर, 06 अप्रैल 2011
छत्तीसगढ़ में आर्थिक रूप से कमजोर बीड़ी श्रमिकों को स्वयं का मकान बनाने के लिए उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा संचालित एकीकृत बीड़ी श्रमिक आवास योजना का क्रियान्वयन राज्य शासन द्वारा किया जा रहा है। इस योजना के तहत प्रदेश में अब तक बिलासपुर शहर और राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ नगर में 368 मकान बनाए गए है।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर बीड़ी श्रमिकों को इस योजना के तहत स्वयं का मकान बनाने के लिए पांच हजार रूपए हितग्राही अंशदान पर चालीस हजार रूपए भारत सरकार और 40 हजार रूपए राज्य सरकार द्वारा अनुदान दिया जा रहा है। बीड़ी श्रमिक यह अनुदान राशि प्राप्त कर स्वयं की भूमि पर या राज्य सरकार द्वारा पट्टे पर भूमि प्राप्त कर मकान बना सकता है। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत प्रथम चरण में राज्य के बिलासपुर शहर में 284 मकानों का निर्माण कर बीड़ी श्रमिकों को आबंटित किया गया है इसी तरह राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ नगर में 84 मकानों का निर्माण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण में बीड़ी श्रमिकों के लिए राजनांदगांव में 254 मकान, डोंगरगढ़ में 116 मकान तथा रायगढ़ जिले के ग्राम चपले में 50 मकानों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा एक करोड़ 68 लाख रूपए का आवंटन जारी किया गया है और भवनों का निर्माण का कार्य प्रारंभ है। अधिकारियों ने बताया कि तृतीय चरण में कांकेर, चारामा और धमतरी के बीड़ी श्रमिकों के लिए दो हजार मकानों के निर्माण की कार्ययोजना विभाग द्वारा बनायी गयी है। उन्होंने बताया कि राज्य के बीड़ी श्रमिकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके इसके लिए उन्हें परिचय पत्र भी प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 5 हजार 64 बीड़ी श्रमिकों को परिचय पत्र का वितरण किया गया है।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर बीड़ी श्रमिकों को इस योजना के तहत स्वयं का मकान बनाने के लिए पांच हजार रूपए हितग्राही अंशदान पर चालीस हजार रूपए भारत सरकार और 40 हजार रूपए राज्य सरकार द्वारा अनुदान दिया जा रहा है। बीड़ी श्रमिक यह अनुदान राशि प्राप्त कर स्वयं की भूमि पर या राज्य सरकार द्वारा पट्टे पर भूमि प्राप्त कर मकान बना सकता है। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत प्रथम चरण में राज्य के बिलासपुर शहर में 284 मकानों का निर्माण कर बीड़ी श्रमिकों को आबंटित किया गया है इसी तरह राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ नगर में 84 मकानों का निर्माण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण में बीड़ी श्रमिकों के लिए राजनांदगांव में 254 मकान, डोंगरगढ़ में 116 मकान तथा रायगढ़ जिले के ग्राम चपले में 50 मकानों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा एक करोड़ 68 लाख रूपए का आवंटन जारी किया गया है और भवनों का निर्माण का कार्य प्रारंभ है। अधिकारियों ने बताया कि तृतीय चरण में कांकेर, चारामा और धमतरी के बीड़ी श्रमिकों के लिए दो हजार मकानों के निर्माण की कार्ययोजना विभाग द्वारा बनायी गयी है। उन्होंने बताया कि राज्य के बीड़ी श्रमिकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके इसके लिए उन्हें परिचय पत्र भी प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 5 हजार 64 बीड़ी श्रमिकों को परिचय पत्र का वितरण किया गया है।
क्रमांक- 89/पवन

