खनिज रायल्टी का नुकसान रोकने ट्रांजिस्ट पास में बाल प्वाईट पेन से प्रविष्ट करने के निर्देश
रायपुर 18 फरवरी 2010
राज्य शासन द्वारा खनिज रायल्टी की संभावित क्षति को रोकने के लिए पट्टेधारियों को जारी अभिवहन पार पत्र (ट्रांजिस्ट पास) में आवश्यक सूचनाएं अब केवल बाल प्वाइंट पेन से ही दर्ज किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में खनिज विभाग द्वारा आज यहां मंत्रालय से सभी जिला कलेक्टरों और खनिज विभाग के जिला कार्यालयों को परिपत्र जारी कर राज्य शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी परिपत्र में कहा गया है कि खनिज रायल्टी की क्षति रोकने के लिए यह आवश्यक है कि खनिज परिवहन के उपयोग में लाए जाने वाले अभिवहन पार पत्रों (ट्रांजिस्ट पास) में केवल बाल प्वाइंट पेन से प्रविष्ट किया जाए और उसकी डुप्लीकेट प्रति तैयार करने के लिए दोनों तरफ कार्बन वाले पेपर का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाए। परिपत्र में यह भी कहा गया है कि यदि किसी अभिवहन पार पत्र में बाल प्वाइंट पेन के अलावा किसी अन्य पेन से प्रविष्ट किया गया है और पारपत्र के पीछे कार्बन में विवरण अंकित नहीं किया गया है तो उसे खनिज का अवैध परिवहन मानते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के समक्ष यह मामला प्रकाश में आया है कि खनिज पट्टेधारियों द्वारा अभिवहन पार पत्रों में विशिष्ट प्रकार की स्याही वाले पेन से प्रविष्टि की जाती है, जिसे बाद में मिटाया जा सकता है। इस प्रकार के अभिवहन पार पत्रों का फिरसे उपयोग किया जा सकता है और इससे खनिज रायल्टी की चोरी की संभावना बनी रहती है। खनिज रायल्टी चोरी की इस तरह की संभावनाओं को रोकने के लिए राज्य शासन द्वारा यह निर्देश जारी किया गया है।
जारी परिपत्र में कहा गया है कि खनिज रायल्टी की क्षति रोकने के लिए यह आवश्यक है कि खनिज परिवहन के उपयोग में लाए जाने वाले अभिवहन पार पत्रों (ट्रांजिस्ट पास) में केवल बाल प्वाइंट पेन से प्रविष्ट किया जाए और उसकी डुप्लीकेट प्रति तैयार करने के लिए दोनों तरफ कार्बन वाले पेपर का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाए। परिपत्र में यह भी कहा गया है कि यदि किसी अभिवहन पार पत्र में बाल प्वाइंट पेन के अलावा किसी अन्य पेन से प्रविष्ट किया गया है और पारपत्र के पीछे कार्बन में विवरण अंकित नहीं किया गया है तो उसे खनिज का अवैध परिवहन मानते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के समक्ष यह मामला प्रकाश में आया है कि खनिज पट्टेधारियों द्वारा अभिवहन पार पत्रों में विशिष्ट प्रकार की स्याही वाले पेन से प्रविष्टि की जाती है, जिसे बाद में मिटाया जा सकता है। इस प्रकार के अभिवहन पार पत्रों का फिरसे उपयोग किया जा सकता है और इससे खनिज रायल्टी की चोरी की संभावना बनी रहती है। खनिज रायल्टी चोरी की इस तरह की संभावनाओं को रोकने के लिए राज्य शासन द्वारा यह निर्देश जारी किया गया है।
क्रमांक/4090/कुशराम

