मुख्यमंत्री के जनदर्शन में जनसुनवाई : ग्राम संडी की शराब दुकान बंद करवाने की मांग
उत्तर प्रदेश में बंधक छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को छुड़ाने की पहल होगी

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने आज सवेरे यहां अपने निवास पर साप्ताहिक कार्यक्रम 'जनदर्शन' में राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आए ग्रामीणों, आम नागरिकों, प्रतिनिधि मण्डलों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। डॉ. सिंह ने जनदर्शन में विभिन्न जन समस्याओं पर जन-सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण के निर्देश जारी किए। इस अवसर पर बलौदा बाजार की विधायक श्रीमती लक्ष्मी बघेल और कसडोल के विधायक श्री राजकमल सिंघानिया के नेतृत्व में ग्रामीणों के दो अलग-अलग प्रतिनिधि मंडलों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने डॉ. रमन सिंह को क्षेत्र के ग्राम संडी में संचालित शराब दुकान बंद करवाने का अनुरोध करते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने दो हजार से अधिक आबादी वाले लगभग 280 गांवों में राज्य सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल से शराब दुकानों को बंद किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि ग्राम संडी में शराब दुकान को भी सरकार की इस नीति के तहत जल्द बंद किया जाना उचित होगा, क्योंकि इस शराब भट्ठी के कारण संडी और आसपास के गांवों का सामाजिक वातावरण दूषित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडलों की भावनाओं को गंभीरता से लिया और उनकी इस मांग का तत्काल परीक्षण करवाने का आश्वासन दिया। डॉ. सिंह ने उनका ज्ञापन आबकारी मंत्री श्री अमर अग्रवाल को भेजकर उन्हें समस्या का जल्द निराकरण करने के लिए कहा है। जनदर्शन में ही विधायक श्री राजकमल सिंघानिया के नेतृत्व में रायपुर जिले के कसडोल क्षेत्र से ग्राम सीतापार निवासी अनेक किसानों ने भी मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर बताया कि समोदा सिंचाई व्यपवर्तन की नाली निर्माण में उनके खेतों की जमीन कई वर्ष पहले अधिग्रहित हो चुकी है। लेकिन इसका मुआवजा राज्य शासन की नवीन दरों के अनुसार पारित नहीं किया गया है। किसानों का कहना था कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष शासकीय अथवा औद्योगिक विकास परियोजनाओं के लिए किसानों की निजी जमीन अधिग्रहित होने की स्थिति में असिंचित भूमि के लिए छह लाख रुपए, सिंचित भूमि के लिए आठ लाख रुपए और दो फसली भूमि के लिए दस लाख रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा देने की नीति घोषित की है, जो वास्तव में सराहनीय और स्वागत योग्य है, लेकिन समोदा सिंचाई व्यवपर्तन में नाली निर्माण के लिए किसानों से ली गई भूमि के एवज में भू-अर्जन अधिकारी बलौदा बाजार ने सिर्फ एक लाख 70 हजार रुपए की दर से मुआवजा का अवार्ड पारित किया है, जो पर्याप्त नहीं है, क्योंकि वैसे भी ग्राम सीतापार में जमीन का वर्तमान बाजार मूल्य चार लाख से छह लाख रुपए प्रति एकड़ है।
मुख्यमंत्री ने उनके ज्ञापन पर रायपुर कलेक्टर को मामले का जल्द परीक्षण करने और निराकरण करने के निर्देश जारी किए। आज के जनदर्शन में मुख्यमंत्री से धमतरी जिले के विकासखंड कुरुद स्थित ग्राम पंचायत परसवानी के सरपंच श्री रोहित साहू और उनके साथ आए कई ग्रामीणों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने डॉ. रमन सिंह को सौंपे गए ज्ञापन में परसवानी के लिए सार्वजनिक नल-जल योजना की जरूरत बताई। डॉ. सिंह ने उनका ज्ञापन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को त्वरित कार्रवाई के लिए भिजवाया। रायपुर जिले के ही विकास खंड कसडोल के ग्राम कोटियाडीह से आए ग्रामीणों ने वहां के खेल मैदान में अवैध पत्थर उत्खनन की शिकायत की।
मुख्यमंत्री ने इस मामले में भी कलेक्टर को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। बिलासपुर जिले के मस्तुरी थाना क्षेत्र के एक गांव से आए लोगों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वहां के कुछ खेतिहर श्रमिक उत्तर प्रदेश के छत्रपति साहू जी महाराज जिले के ग्राम बेलखरी, थाना संग्रामपुर के ईट भट्ठे में काम करने गए थे, जिन्हें भट्ठे के ठेकेदार ने बंधक बना लिया है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को इस मामले में गंभीरता से पहल करने का आश्वासन दिया और कलेक्टर बिलासपुर को त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए। जनदर्शन में संसदीय सचिव द्वय डॉ. सियाराम साहू और श्री कोमल जंघेल तथा राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री लीलाराम भोजवानी भी आवेदकों की सुनवाई में मुख्यमंत्री के सहयोग के लिए उपस्थित थे।

