मगरमच्छों का गांव कोटमीसोनार
रायपुर 28 अगस्त 2011
मगरमच्छ देखने के लिए आम तौर पर व्यक्ति को किसी चिड़ियाघर में जाना पड़ता है, लेकिन हमारे छत्तीसगढ़ में ही एक ऐसा गांव है, जहां मगरमच्छों को उनके प्राकृतिक वातावरण में सहज रूप से देखा जा सकता है। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड का गांव कोटमीसोनार आज केवल मगरमच्छों के कारण प्रसिध्द हुआ है। कुछ वर्ष पहले तक यहां मगरमच्छों का स्वछंद विचरण होता था, इससे कभी-कभी ग्रामीणों की जान पर भी बन आती थी।
राज्य सरकार ने इस गांव में मगरमच्छों की बहुलता और ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वर्ष 2007 में इसे मगरमच्छ संरक्षण केन्द्र के रूप में विकसित किया गया। दरअसल इस गांव में बाईस बड़े तालाबों की एक श्रंखृला है, जो मगरमच्छों के रहवास और प्रजनन की दृष्टि से उपयुक्त है। जब ये मगरमच्छ तालाब से निकलकर खेतों और छोटे-छोटे जलाशयों में पहुंच जाते थे, तो मानव, मवेशियों और खुद मगरमच्छ के लिए भी खतरा उत्पन्न हो जाता था। इसलिए राज्य सरकार द्वारा मगरमच्छों को उनके प्राकृतिक वातावरण में पूरी सुरक्षा प्रदान करने के लिए गांव के मूड़ा तालाब को मगरमच्छ संरक्षण परियोजना के लिए चुना गया। लगभग 29 एकड़ क्षेत्र में फैले इस तालाब को और गहरा करके उसमें आसपास के तालाबों और जलस्रोतों में रह रहे मगरमच्छों को रखा गया है। इस तालाब को चारों ओर से इस तरह फेंसिंग की गई है कि मगरमच्छ तालाब के मेड़ को पार कर बाहर ना जा सके। वर्तमान में इस तालाब में मगरमच्छों की संख्या सौ से ज्यादा है और इनकी लगातार संख्या बढ़ती जा रही है।
राज्य सरकार द्वारा मगरमच्छों के हमले से बचने और उन्हें पकड़ने के लिए गांव के युवाओं को उड़ीसा और चेन्नई क्रोकोडाईल पार्क से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। प्रशिक्षण के बाद इन्हीं युवाओं द्वारा गांव के दूसरे तालाबों से 96 मगरमच्छों को पकड़कर मूड़ा तालाब में स्थानांतरित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा कोटमीसोनार को पर्यटन केन्द्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। पर्यटक पूरी सुरक्षा के साथ मगरमच्छों को देख सकें, इसके लिए तालाब चारो ओर मेंड पर पक्का रास्ता बनाया गया है। मेड़ पर मजबूत फेंसिंग होने के कारण पर्यटक बिना किसी भय के मगरमच्छों को सहज रूप से देख सकते हैं। यहां बाईस तालाबों की विहंगम श्रृखंला को देखने के लिए तीन ऊंचे टॉवर बनाए गए हैं। पर्यटकों के विश्राम के लिए पैगोड़ा और बच्चों के मनोरंजन के लिए चिल्ड्रन पार्क भी यहां विकसित किया गया है।

