लियेंडर पेस ने राज्यपाल से मुलाकात की लगभग दो दशक बाद फिर शुरू हुआ गोंडवाना कप राष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट:मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया शुभारंभ मंत्रिपरिषद की बैठक : छत्तीसगढ़ में गौ हत्या पर अब और अधिक कठोर कारावास हीरानार नल-जल योजना के लिए 19.42 लाख रूपए स्वीकृत ग्राम कुथुर के लिए नल-जल योजना स्वीकृत उर्दू अकादमी में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित सदस्यों का मनोनयन मुख्यमंत्री ग्राम उत्कर्ष योजना : अब तक 153.40 करोड़ की लागत के सात हजार से ज्यादा विकास कार्य पूर्ण सक्षम योजना : राज्य की 284 महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिला 1.62 करोड़ रूपए का ऋण ग्राम पंचायतें अब दस लाख रूपये तक के निर्माण कार्य कर सकेंगे कमरौद स्कूल का नामकरण अहिल्या बाई त्रेतानाथ के नाम पर गलफुल्ला और चनान नदी पर बनेंगे उच्च स्तरीय पुल मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री श्री बिसेन की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री से अभनपुर नगर पंचायत के प्रतिनिधि मण्डल की मुलाकात श्री केदार कश्यप से पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री शिव चन्द्राकर ने सौजन्य मुलाकात की उपार्जन केन्द्रों में तेजी से हो रही धान की आवक श्रम मंत्री श्री साहू की अध्यक्षता में असंगठित श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल नई दिल्ली प्रवास पर आज करेंगे केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री से मुलाकात कृषि मंत्री श्री साहू ने किया खारून नदी पर एनीकट सह रपटे का भूमिपूजन राज्यपाल से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की मुख्यमंत्री के समक्ष जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन पर प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री से सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक ने सौजन्य मुलाकात की

Personal tools
You are here: Home समाचार अन्य समाचार देवभोग ब्रांड से मिलेगी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पहचान : डॉ. रमन सिंह

देवभोग ब्रांड से मिलेगी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पहचान : डॉ. रमन सिंह

What
When Sep 08, 2011
from 08:25 PM to 08:25 PM
Add event to calendar vCal
iCal

मुख्यमंत्री ने किया रायपुर दुग्ध संघ के उत्पादनों के लिए नये ब्रांड नेम और ट्रेड मार्क का लोकार्पण

रायपुर 08 सितम्बर 2011
    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां रायपुर दुग्ध सहकारी संघ की ओर से दूध और उससे बनने वाले अन्य स्वादिष्ट पदार्थो के लिए नये ट्रेड मार्क 'देवभोग' नाम से लोकार्पित किया। उल्लेखनीय है कि अब तक ये खाद्य और पेय पदार्थ 'सांची' ब्राण्ड के नाम से बिक रहे थे। यह नाम मध्यप्रदेश राज्य डेयरी महासंघ के उत्पादों के लिए प्रचलित है। राज्य निर्माण के बाद रायपुर दुग्ध संघ के इन उत्पादों के लिए छत्तीसगढ़ को प्रतिबिम्बित करने वाले नये ब्रांड नेम की जरूरत महसूस करते हुए आम जनता से सुझाव 2668-080911लेकर 'देवभोग' नाम का चयन कर रजिस्ट्रार ऑफ टे्रड मार्क मुम्बई से विधिवत पंजीयन कराया गया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां विधानसभा परिसर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्रेक्षा गृह में आयोजित समारोह में इस नये टे्रड मार्क और ब्राण्ड नेम का लोकार्पण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक ने की। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू, गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री ननकीराम कंवर, नेता प्रतिपक्ष श्री रविन्द्र चौबे, विधानसभा उपाध्यक्ष श्री नारायण चंदेल और संसदीय सचिव श्री विजय बघेल उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की पहचान के अनुरूप दूध उत्पादों को नये नाम 'देवभोग' से जारी किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए रायपुर दुग्ध संघ की निरंतर तरक्की के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने उम्मीद जतायी कि देवभोग ब्राण्ड नाम से उत्पादित दूध और दुग्ध उत्पाद अपनी गुणवत्ता के कारण पूरे देश में अलग पहचान बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध उत्पादन छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का एक अच्छा जरिया है। राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के जरिए दुग्ध उत्पादक किसानों को लाभान्वित कर रही है। दूध उत्पादन वाले इलाकों को चिन्हित कर वहां मिल्क रूट विकसित कर पशुपालकों के दूध का उचित दर पर खरीदा जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा पशुपालक किसानों द्वारा उत्पादित दूध की खरीदी के लिए नये मिल्क रूट विकसित किए जाएंगे और राज्य में दूध उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्थापित किए जाने वाले कामधेनु विश्वविद्यालय का फायदा भी डेयरी उद्योग को मिलेगा। डॉ. सिंह ने कहा कि राज्य गौ वंश की रक्षा के लिए वचनबध्द है। गौवंश और पशुधन के संरक्षण के लिए जन-चेतना की जरूरत पर भी उन्होंने बल दिया।
    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि 'देवभोग' ब्राण्ड से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि यहां की जमीन और जलवायु गौपालन के लिए अनुकूल है। अभी भी यहां के किसानों और गौपालकों में दूध की नदियां बहाने की क्षमता है। नेता प्रतिपक्ष श्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि देवभोग छत्तीसगढ़ के लिए जाना-पहचाना और पवित्रतम नाम है। यह नाम हमारी उड़ीसा से सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि देवभोग छत्तीसगढ़ के लिए वैभव का प्रतीक भी है। उन्होंने 'देवभोग' उत्पादों की गुणवत्ता को निरंतर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। कृषि और पशुपालन मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू ने समारोह में बताया कि राज्य में लगभग 250 दुग्ध सहकारी समितियां रायपुर दुग्ध संघ द्वारा और 150 दुग्ध सहकारी समितियां पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित हैं। इनके माध्यम से लगभग आठ हजार परिवारों को रोजगार मिल रहा है। इन समितियों के माध्यम से प्रदेश के दूर-दराज के गांवों के पशुपालकों से दूध संकलित कर यहां उरला स्थित संयंत्र में प्रसंस्करण के बाद विभिन्न शहरों में नियुक्त वितरकों तथा रिटेलरों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है। प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से इस कारोबार में राज्य के लोगों को बड़ी संख्या में अतिरिक्त आमदनी के साथ रोजगार के अवसर भी प्राप्त होते हैं।  सहकारी दुग्ध संघ के तहत 250 दुग्ध सहकारी समितियां कार्यरत हैं, जिनमें आठ हजार से अधिक पशुपालक सदस्य हैं। दुग्ध संघ के कार्य क्षेत्र में रायपुर, धमतरी, महासमुन्द, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर और कांकेर जिले हैं, जहां दुग्ध सहकारी समितियों के दुग्ध उत्पादक सदस्यों से दूध का संग्रहण कर इसे पाश्चुराइज्ड कर खुले बाजार में सस्ती दरों पर विपणन किया जाता है। दुग्ध संघ द्वारा दूध के अलावा अन्य कई दुग्ध उत्पाद भी निर्मित किए जाते हैं, जिनमें श्रीखंड, मीठा दूध, दही, लस्सी, मठ्ठा, पनीर और घी शामिल हैं।
    श्री चन्द्रशेखर साहू ने समारोह में यह भी बताया कि दुधारू पशुओं की खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ में किसानों को अधिकतम पांच लाख रुपए तक ऋण दिया जाएगा। डेयरी उद्यमिता विकास योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले ऋण से किसान अधिकतम दस पशु खरीद सकते हैं। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के पशुपालकों को इस योजना में तैंतीस प्रतिशत और सामान्य वर्ग के किसानों को 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। श्री साहू ने बताया कि दुग्ध व्यवसाय के समग्र विकास हेतु प्रदेश में राज्य स्तरीय संस्था के रूप में छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ की स्थापना की जाएगी। दुग्ध महासंघ का कार्यक्षेत्र संपूर्ण प्रदेश होगा। उल्लेखनीय है कि रायपुर सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ द्वारा पूर्ववर्ती मध्यप्रदेश के समय से 'सांची' नाम से दूध एवं दुग्ध उत्पादों का उत्पादन एवं विक्रय किया जा रहा था। वर्ष 2001 में संघ द्वारा दुग्ध उत्पादों के लिए नया नाम तय करने आम जनता से सुझाव आमंत्रित किए गए थे। जनता से प्राप्त सुझावों के आधार पर रायपुर दुग्ध संघ के संचालक मण्डल द्वारा देवभोग ब्रांड नेम का अनुमोदन किया गया। इसके बाद इस ब्राण्ड नेम का पेटेन्ट मुम्बई स्थित रजिस्ट्रार ऑफ टे्रड मार्क से कराया गया।
क्रमांक-.2668/पटेल
« May 2012 »
May
MoTuWeThFrSaSu
123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
28293031