समस्त शासकीय आवेदन फार्म अब ऑन लाईन उपलब्ध होंगे : इसके लिए बन रही है वेबसाईट
देश-विदेश कहीं से भी सेवा का उपयोग संभव
छत्तीसगढ़ और केन्द्र सरकार की अनूठी पहल
रायपुर 20 अप्रैल 2011
छत्तीसगढ़ का कोई भी व्यक्ति अब देश अथवा विदेश के किसी भी कोने से छत्तीसगढ़ शासन को आवेदन कर आनलाईन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अमन कुमार सिंह ने आज यहां बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार के समस्त शासकीय आवेदन फार्म अब वेबसाईट पर उपलब्ध होंगे, जिसे नागरिक अपनी आवष्यकता अनुसार डाउनलोड कर वेब पर पुन: आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए उपयोग में लाई जा रही तकनीक नवीनतम, यूजर इंटरक्टिव तथा बहुपयोगी है। इस तकनीक से नागरिकों द्वारा चाही गयी सेवाओं एवं आवेदनों का सत्यापन, गणना तथा जांच वेब पोर्टल पर स्वचलित विधि से होगा। साथ ही ऐसे नागरिक जिनके पास कम्प्यूटर अथवा इंटरनेट की सुविधा नही है, वे राज्य में स्थापित सामान्य सेवा केन्द्र (ग्रामीण चॉइस केन्द्र) तथा चॉइस केन्द्रों से इन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। छत्तीसगढ़ में विकसित सूचना प्रौद्योगिकी की अधोसंरचना को देखते हुए भारत सरकार द्वारा लगभग 12 करोड़ रूपये की राशि राज्य शासन को उपलब्ध कराई गई है। परियोजना के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ इंफोटेक एवं बॉयोटेक प्रमोषन सोसायटी, चिप्स को नोडल एजेंसी बनाया गया है तथा यू.टी.आई. इन्फ्रास्ट्राक्चर टेक्नालॉजी एवं सर्विसेज लिमिटेड को सलाहकार बनाया गया है। श्री सिंह ने बताया कि नागरिकों को यह सेवा उपलब्ध कराने के लिए चिप्स द्वारा वेबसाईट विकसित की जा रही है। आगामी छह महीनों के भीतर इसका निर्माण हो जाएगा।
चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ए.एम. परियल ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुये बताया कि यह योजना छत्तीसगढ़ एवं राष्ट्रीय स्तर पर संदेश स्विच के रूप में कार्य करेगा तथा राज्य एवं केन्द्र शासन के समस्त विभागों के मध्य डेटा आदान-प्रदान के लिए मध्यस्थता की भूमिका का निर्वाह करेगा। इस योजना के लिए बनाया जा रहा है स्टेट पोर्टल फ्रंट एंड के रूप में कार्य करेगा तथा राज्य स्तर पर ई-गवर्नेंस सेवाओं को स्थापित करेगा। इस पोर्टल पर राज्य के सभी विभागों के आवेदन पत्रों का इलेक्ट्रानिक रूप उपलब्ध होगा। इससे राज्य के ना केवल धन की बचत होगी, बल्कि मूल्यवान समय भी बचेगा। आवेदनों के मुद्रण में लगने वाले व्यय में भी कमी आयेगी। इससे शासकीय कार्य-विधि में गतिशीलता आयेगी। डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग इस योजना में किया जाना प्रस्तावित है, जिससे त्वरित कार्यवाही को बल मिलेगा तथा सूचनाओं के अनावष्यक फैलाव को भी रोका जा सकेगा। प्रदेश के नागरिक इस तकनीक के माध्यम से भारत ही नहीं बल्कि विश्व के किसी भी कोने में बैठकर छत्तीसगढ़ शासन की सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं तथा इस गेटवे द्वारा अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना नागरिक सशक्तिकरण को बल देगा तथा सूचना प्रौद्योगिकी गतिविधियों को प्रोत्साहित करेगा। आगामी छ: माह के अंदर इस योजना को आरंभ किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।

